कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ अपने विरोध को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाएंगी। मंगलवार को नवान्न में पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा, "मैं अपने देश से प्यार करती हूँ, लेकिन इस आयोग के खिलाफ मैं दुनिया भर में विरोध कर सकती हूँ।"
ममता ने आयोग पर आरोप लगाया कि वह एकतरफा सत्ता का प्रयोग कर जनता के लोकतांत्रिक अधिकार छीन रहा है। उन्होंने कहा कि SIR के लिए केन्द्र के पास 24 साल का समय था, लेकिन आयोग ने चुनाव से सिर्फ तीन महीने पहले इस प्रक्रिया को लागू किया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि सभी वैध मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएँ और निष्पक्ष चुनाव करवाए जाएँ।
उन्होंने कहा, यदि कोई हमारे संवैधानिक अधिकार छीनने की कोशिश करेगा, तो इसका जवाब जनता एक दिन देगी। कोई भी चेयर स्थायी नहीं है। ममता बनर्जी ने कहा कि BLO और चुनाव अधिकारियों को धमकाया जा रहा है और 160 से अधिक लोगों की मौतें हुई हैं, जिनमें कई ने अपने सुसाइड नोट में आयोग को दोषी ठहराया।
सीएम ने कहा, कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। चुनाव आयोग की शक्ति की भी एक सीमा है। किसी को यह सोचकर नहीं चलना चाहिए कि बहुमत होने के कारण वह जो चाहे कर सकता है। उन्होंने जनता और आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि सभी वैध मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल कर, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कर दिखाएं।