इस नंबर से किया गया फेक कॉल  
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अब साइबर ठगों के निशाने पर टीटागढ़ के पूर्व चेयरमैन,पंजाब पुलिस के नाम पर आया 'फेक' कॉल

बेटे और भतीजे की गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी की कोशिश, बैरकपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

टीटागढ़: पश्चिम बंगाल में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे रसूखदार नेताओं और जन प्रतिनिधियों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला टीटागढ़ नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता प्रशांत चौधरी से जुड़ा है। मंगलवार सुबह साइबर ठगों ने पंजाब पुलिस का अधिकारी बनकर उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए डराने और ठगने की कोशिश की। हालांकि, प्रशांत चौधरी की सूझबूझ के कारण अपराधी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके।

'आपका बेटा गिरफ्तार है'— ठगों ने चला जाल

जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह जब प्रशांत चौधरी अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को पंजाब पुलिस का अधिकारी बताया और बेहद कड़क आवाज में कहा कि उनके बेटे को पुलिस ने एक संगीन मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह सुनकर प्रशांत चौधरी चौंके नहीं, बल्कि उन्होंने ठग को करारा जवाब देते हुए कहा कि उनकी कोई संतान (बेटा) नहीं है।

पैंतरा बदलकर भतीजे का नाम लिया

जैसे ही ठग को अहसास हुआ कि उसका पहला दांव खाली गया है, उसने तुरंत अपना पैंतरा बदल लिया। उसने बिना झिझके कहा, "शायद गलती हो गई, दरअसल आपका भतीजा हमारे कब्जे में है और उसे गिरफ्तार किया गया है।" अपराधियों की इस जल्दबाजी और बार-बार बयान बदलने से प्रशांत चौधरी समझ गए कि यह साइबर फ्रॉड का मामला है। उन्होंने बिना डरे दोटूक लहजे में कहा, "जो करना है कीजिए, मैं कानून के अनुसार जो भी व्यवस्था लेनी होगी, वह लूंगा।" उनके इतना कहते ही दूसरी ओर से फोन काट दिया गया।

साइबर सेल में लिखित शिकायत दर्ज

इस घटना के तुरंत बाद प्रशांत चौधरी ने पूरे मामले की जानकारी बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम विभाग को दी। उन्होंने एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है ताकि उन नंबरों की पहचान की जा सके जिनसे इस तरह के धमकी भरे कॉल आ रहे हैं।

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए प्रशांत चौधरी ने कहा, "आजकल साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। वे परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी का डर दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठने का काम कर रहे हैं। मैं आम जनता से भी अपील करता हूं कि इस तरह के कॉल आने पर घबराएं नहीं, बल्कि धैर्य से काम लें और तुरंत पुलिस को सूचित करें। मेरी जागरूकता ने मुझे ठगी का शिकार होने से बचा लिया, लेकिन कई मासूम लोग इनके जाल में फंस सकते हैं।"

बैरकपुर पुलिस अब उस व्हाट्सएप नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है, जिससे कॉल किया गया था। पुलिस का मानना है कि यह किसी बड़े गिरोह का काम हो सकता है जो प्रतिष्ठित व्यक्तियों को निशाना बना रहा है।

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