राज्य के खाद्य मंत्री रथीन घोष  REP
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अब मोबाइल ऐप से होगी राशन गोदामों की निगरानी

खाद्य विभाग का बड़ा कदम, पारदर्शिता के लिए खाद्य मंत्री रथीन घोष की नई पहल

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: राज्य की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में खाद्य विभाग ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब राशन वितरकों के गोदामों में होने वाली किसी भी गड़बड़ी पर सरकार की 'डिजिटल नजर' रहेगी। खाद्य मंत्री रथीन घोष की पहल पर विभाग ने निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को अब ऐप-आधारित (App-based) बनाने का निर्णय लिया है। खाद्यमंत्री रथीन घोष ने बताया कि प्रचलित ‘खाद्यसाथी-मेरा राशन’ मोबाइल ऐप में एक नया और आधुनिक फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए निरीक्षण अधिकारी स्मार्टफोन से ही मौके पर रिपोर्ट अपलोड कर सकेंगे। अब तक यह काम वेब पोर्टल के जरिए होता था, जो काफी समय लेने वाला था। नई व्यवस्था से निरीक्षण न केवल तेज होगा, बल्कि डेटा की सटीकता भी सुनिश्चित होगी।

अचानक छापेमारी और विशेष टीमें

खाद्य मंत्री रथीन घोष ने स्पष्ट किया है कि तकनीक का सहारा जमीनी स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए लिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि केवल नियमित जांच ही नहीं, बल्कि 'सरप्राइज विजिट' पर भी जोर दिया जाये। इसके लिए जिला राशनिंग अधिकारियों और खाद्य नियंत्रकों को मिलाकर विशेष टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाना हमारी प्राथमिकता है। तकनीक के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि खाद्यान्न की आपूर्ति से लेकर वितरण तक, हर स्तर पर जवाबदेही तय हो। आंतरिक समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि पिछले कुछ महीनों में गोदामों के निरीक्षण की दर उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने हर महीने कम से कम दो आकस्मिक निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। इस कदम से राशन की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और आम जनता को उनके हक का अनाज बिना किसी बाधा के मिल सकेगा।

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