निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में उत्तर 24 परगना जिले में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। जिले में इस बार मतदान प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस बार औसत मतदान लगभग 89.74% रहा, जो 2021 के विधानसभा चुनाव (83-84%) की तुलना में करीब 5 से 6 प्रतिशत अधिक है।
इस बार के चुनाव में बशीरहाट महकमा पूरे जिले में चर्चा का केंद्र रहा। यहाँ की कई सीटों पर रिकॉर्ड तोड़ मतदान हुआ। बशीरहाट महकमा के अंतर्गत हाड़वा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 94.50% मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा हिंगलगंज (92.80%), बशीरहाट उत्तर (92.46%), संदेशखाली (91.19%) और बशीरहाट दक्षिण (91.48%) में भी भारी मतदान हुआ। इन क्षेत्रों में लंबी कतारों के साथ महिला मतदाताओं की भागीदारी विशेष रूप से चर्चा में रही।हालांकि, शहरी क्षेत्रों जैसे राजारहाट गोपालपुर (82.18%), बिधाननगर (84.06%) और नोआपाड़ा (83.47%) में अपेक्षाकृत कम मतदान हुआ। इसके विपरीत, मध्यमग्राम (92.55%) और हाबरा (93.00%) जैसे क्षेत्रों में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जहाँ एक ओर रिकॉर्ड वोटिंग का जश्न था, वहीं बनगांव और गाइघाटा जैसे मतुआ बहुल क्षेत्रों में मायूसी और आक्रोश का माहौल दिखा। जिले में करीब 85,394 लोगों के नाम मतदाता सूची से कटे होने के कारण वे मतदान नहीं कर सके। सबसे बुरा हाल गाइघाटा का रहा, जहाँ 19,638 नाम सूची से गायब थे। राजीव बाला जैसे कई बुजुर्ग, जो पिछले 40 वर्षों से वोट दे रहे थे, इस बार मतदान केंद्र के बाहर खड़े होकर केवल दूसरों को वोट देते देखते रहे। लोकतंत्र के इस उत्सव में नाम कटने की इस घटना ने मतुआ समुदाय के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है।