चंडीगढ़ : पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अमृतसर आयुक्तालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नशे और हथियारों की तस्करी में कथित रूप से संलिप्त पांच गिरोहों का पर्दाफाश किया है। इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह पिस्तौल, 4.409 किलोग्राम हेरोइन, 500 ग्राम अफीम, नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित होने की आशंका वाले 12.90 लाख रुपये, 12 कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को ‘एक्स’ पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने इसे पुलिस की एक बड़ी कामयाबी बताते हुए कहा कि अमृतसर आयुक्तालय पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले पांच गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से नशीले पदार्थों, हथियारों तथा अन्य सामान की बरामदगी हुई है।
नशे और अवैध हथियारों की तस्करी में संलिप्तता का आरोप
पुलिस महानिदेशक के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये गिरोह नशीले पदार्थों और हथियारों की आपूर्ति कहां से प्राप्त करते थे और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था? कार्रवाई के दौरान बरामद की गई 4.409 किलोग्राम हेरोइन और 500 ग्राम अफीम को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, 6 पिस्तौल और 12 कारतूस की बरामदगी ने अवैध हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जांच को भी महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस बरामद ड्रोन के इस्तेमाल और उससे जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल कर सकती है।
पांच अलग-अलग मामले दर्ज
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस कार्रवाई के संबंध में पांच अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस प्रत्येक मामले में आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य केवल गिरफ्तार किए गए लोगों तक सीमित न रहकर गिरोहों के पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन गिरोहों को हथियार और नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वाले अन्य लोग कौन हैं तथा इनके साथ और कितने व्यक्ति जुड़े हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क से संबंधित जानकारी जुटाने और अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
नशीले पदार्थों से अर्जित धन की भी जांच
पुलिस की ओर से बरामद 12.90 लाख रुपये भी जांच का अहम हिस्सा हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह रकम कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से जुड़ी हो सकती है। जांच के दौरान पुलिस इस धन के स्रोत और इसके संभावित इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाएगी। हालांकि, रकम के वास्तविक स्रोत और उससे संबंधित अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नशामुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने पर जोर
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पंजाब पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल गिरोहों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षित और नशामुक्त पंजाब सुनिश्चित करने के लिए ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया। अमृतसर आयुक्तालय पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी और अवैध हथियारों की आपूर्ति पर अंकुश लगाने के प्रयासों के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, गिरोहों के अन्य सदस्यों, हथियारों और नशीले पदार्थों के स्रोत तथा तस्करी के संभावित मार्गों को लेकर जांच अभी जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई से इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है। फिलहाल, मामले में गिरफ्तार 10 आरोपियों की भूमिका और बरामद सामग्री से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।