नोआपाड़ा की पूर्व विधायक मंजू बसु 
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नोआपाड़ा की विधायक मंजू बसु ने छोड़ी राजनीति !

लगाया अपमान किये जाने का आरोप, बोली टिकट के लिए पहले ही मना कर देगी

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बैरकपुर : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक युग का अंत जैसा महसूस हो रहा है, क्योंकि नोआपड़ा से लंबे समय तक विधायक रहीं मंजू बसु ने भारी मन और गंभीर आरोपों के साथ राजनीति को अलविदा कह दिया है। आगामी 2026 चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रत्याशी सूची में नाम न होने और पार्टी नेतृत्व द्वारा किए गए व्यवहार से वे क्षुब्ध और अपमानित महसूस कर रही हैं। ऐसा ही आरोप पूर्व विधायक ने लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस कारण ही उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया है।

अतीत और अपमान का दर्द

मंजू बसु ने कहा कि उनका राजनीतिक सफर दुखों के बीच शुरू हुआ था। साल 2000 में उनके पति विकास बसु की हत्या कर दी गई थी। उस कठिन समय में खुद ममता बनर्जी ने उनके घर जाकर उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया था। बसु ने कहा, "दीदी मुझे घर से बाहर लाई थीं, लेकिन आज उसी मंच पर मेरा अपमान हुआ।" उनका आरोप है कि एक सार्वजनिक मंच पर उन्हें अपमानित किया गया, जिससे उन्हें गहरा आघात लगा है।

टिकट और भ्रष्टाचार पर कटाक्ष

प्रत्याशी सूची से नाम कटने पर उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, "शायद मैं वह नहीं कर सकती जो सभी करके दे रहे हैं, इसलिए अब पार्टी को मेरी जरूरत नहीं है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें सम्मान के साथ समझाया जाता, तो वे खुद ही पीछे हट जातीं, लेकिन अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगी। आँखों में आँसू लिए मंजू बसु ने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपना सब कुछ दिया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ उपेक्षा मिली। उन्हें मलाल है कि इतने वर्षों बाद भी वे अपने पति के हत्यारों को सजा नहीं दिला सकीं।

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