कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) द्वारा नवनियुक्त अधिकारियों को उनकी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है और उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतने को कहा।
बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में बीरभूम जिले के नानूर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राजनीतिक लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों का ‘‘दुरुपयोग करने का’’ आरोप लगाया। बनर्जी ने रैली में कहा, ‘‘सब कुछ बदल दिया गया है, यहां नयी व्यवस्था है। निर्वाचन आयोग द्वारा नवनियुक्त अधिकारियों को आपका नामांकन खारिज करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है इसलिए नामांकन दाखिल करते समय सावधानी बरतें।’’
बनर्जी ने एसआईआर पर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों का भी स्वागत किया और कहा कि वह इससे “खुश” हैं। इससे पहले दिन में, न्यायालय ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण उन अपीलों पर फैसला करेंगे जो उन व्यक्तियों द्वारा दायर की जाएंगी जिनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं और उन अपीलों पर भी जो चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा कथित गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने के खिलाफ दायर की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों, खासकर महिलाओं से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) महिला विरोधी हैं इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तार्किक विसंगति का हवाला देकर उनके नाम हटाए जा रहे हैं।’’
बाद में, एक अन्य रैली में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों से उनके बैंक खाता नंबर मांग रही है और उन्हें चेतावनी दी कि वे उन्हें साझा न करें। उन्होंने कहा, “यह भाजपा की रणनीति है - चुनाव से पहले लोगों को नकद पैसे देना और फिर चुनाव के बाद उन्हें मूर्ख बनाना।”
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतों की गिनती चार मई को होगी।