नए सिरे से लगाने पर भी सहमति नहीं
अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद
जितेंद्र,सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कैमक स्ट्रीट में स्थित तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से बिल बोर्ड हटाए जाने के मामले में हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया। जस्टिस राजा बसु चौधरी ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यहां अंतरिम आदेश देने लायक कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अब मामले की सुनवाई एफिडेविट के एक्सचेंज के बाद होगी।
अभिषेक बनर्जी की तरफ से बहस कर रहे सीनियर एडवोकेट किशोर दत्त ने कहा कि बिलबोर्ड को वापस उसी स्थान पर लगाने का आदेश दिया जाए तो जस्टिस चौधरी ने इनकार कर दिया। अवैध निर्माण तोड़े जाने पर स्टे लगाने की अपील की तो जस्टिस चौधरी ने कहा कि इस तरह का जनरल आदेश नहीं दिया जा सकता है। एडवोकेट दत्त ने आरोप लगाया कि बिजली की गति से यह काम किया गया है। उन्होंने एक कागजात का हवाला देते हुए कहा कि यह किसी के निर्देश पर किया गया है, पर किसके निर्देश पर किया गया है इसका उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि दोपहर बारह बजे इलेक्ट्रॉनिक फाइल जनरेट की गई और शाम पांच बजे तक काम पूरा हो गया। जस्टिस चौधरी ने कहा की मेरिट पर सुनवाई के दौरान इस पर विचार किया जाएगा। एडवोकेट दत्त ने सवाल किया कि इतनी जल्दी किस बात की थी। पेटीशनर ने इस मामले में नगर निगम के अफसर और पुलिस वालों को व्यक्तिगत रूप से पार्टी बनाया है। जस्टिस चौधरी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। वे सरकारी आदेश पर अमल कर रहे थे। जस्टिस चौधरी ने एडवोकेट दत्त को पिटीशन में सुधार किए जाने का आदेश दिया है। इस मामले में बिल्डिंग के मालिक पिरामल प्रॉपर्टीज के तरफ से भी सवाल उठाया गया। उनकी तरफ से बहस कर रहे एडवोकेट जयदीप कर ने कहा कि इस बाबत पुलिस से शिकायत की गई थी। उन्होंने बिलबोर्ड लगाने के लिए कोई अनुमति नहीं ली थी।