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हावड़ा के बनारस ब्रिज पर भारी वाहनों की होगी नो-एंट्री !

शुरू हुआ एप्रोच रोड का काम, ब्रिटिश कालीन पुल की हालत है जर्जर

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : उत्तर हावड़ा के सलकिया और लिलुआ के बामनगाछी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक बनारस ब्रिज पर रविवार से भारी और मध्यम वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। ब्रिटिश काल में बने इस पुल की स्थिति लंबे समय से बेहद जर्जर थी, जिसके बाद रेलवे ने नए पुल के निर्माण की परियोजना शुरू की थी। हालांकि, प्रशासनिक उलझनों और ट्रैफिक अनुमति नहीं मिलने के कारण यह काम काफी समय तक अटका रहा। सूत्रों के मुताबिक, नए पुल के मुख्य ढांचे का निर्माण पहले ही हो चुका है, लेकिन एप्रोच रोड का काम रुका हुआ था। नई सरकार के गठन के बाद प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय बना, जिसके तहत अब चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जा रहा है।

दो महीने चलेगा काम, हल्के वाहनों को राहत

उत्तर हावड़ा के विधायक और राज्य के राज्यमंत्री उमेश राय ने कहा कि पिछली सरकार के समय परियोजना शुरू हुई थी, लेकिन रेलवे को आवश्यक सहयोग नहीं मिला। इसी वजह से बामनगाछी-बनारस ब्रिज और बंगाल बाबू-चांदमारी ब्रिज का काम लंबे समय तक अटका रहा। नई सरकार बनने के बाद निर्णय लिया गया है कि चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक नियंत्रित कर सभी लंबित कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे।” आम लोगों को कुछ समय के लिए असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में उत्तर हावड़ा की यह महत्वपूर्ण संपर्क व्यवस्था अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनेगी। प्रशासन ने वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। बताया गया है कि पहले चरण में केवल भारी और मध्यम वाहनों पर रोक लगाई गई है। टोटो, रिक्शा और अन्य हल्के वाहन फिलहाल पहले की तरह चलते रहेंगे। एप्रोच रोड का निर्माण कार्य अगले दो महीनों तक चलेगा। इसके बाद कुछ समय के लिए पूरा ट्रैफिक बंद कर शेष कनेक्टिविटी का काम पूरा किया जाएगा। सभी कार्य संपन्न होने के बाद नए और सुरक्षित पुल को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

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