नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रदर्शन को कठोर शब्दों में निंदा की है, वहीं इस मामले में दिल्ली की एक कोर्ट ने भी इसकी भर्त्सना की। कोर्ट ने कहा कि देश के हित और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि से समझौता नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि दुनिया भर में होने वाले जरूरी इवेंट्स में रुकावट डालने वाले कामों की गंभीरत से जांच की जरूरत है। खबरों के मुताबिक कोर्ट ने कहा, "इस तरह का बर्ताव साफ तौर पर जायज असहमति के दायरे से बाहर है, और गणतंत्र पर एक खुला हमला बन जाता है। यह न सिर्फ इवेंट की पवित्रता को बल्कि विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधियों के सामने राष्ट्र की कूटनीतिक छवि को भी खतरे में डालता है, जिससे यह सैंवधानिक सुरक्षा से पूरी तरह से असुरक्षित हो जाता है।"
कोर्ट ने ये बातें शनिवार को एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्त किए गए चार युवा कांग्रेस की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कही। जज ने कहा कि उनके सबूतों के साथ दखल देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए अभी जमानत नहीं मिली है। चारों आरोपी कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव हैं और उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
शुक्रवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ता एआई इम्पैक्ट समिट की जगह पर ऐसी टी-शर्ट पहनकर या हाथ में लेकर घुसे, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ नारे लिखे थे। दिल्ली पुलिस ने बाद में कहा कि प्रदर्शन करने वालों ने समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्टर किया था और वे जैकेट या स्वेटर पहनकर वेन्यू में घुसे थे, जिससे PM विरोधी नारों वाली टी-शर्ट छिप गई थीं।