पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की घोषणा की, जिससे बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा है कि वह बिहार के विकास के लिए हर तरह का सहयोग बनाए रखेंगे।
नीतीश कुमार ने अपने दिल की "इच्छा" ज़ाहिर करते हुए कहा कि अपनी पार्लियामेंट्री यात्रा की शुरुआत से ही, वह बिहार लेजिस्लेचर के दोनों सदनों के साथ-साथ पार्लियामेंट के दोनों सदनों के मेंबर बनना चाहते थे।
एक्स पर एक पोस्ट में बिहार के सीएम ने कहा, “दो दशकों से ज़्यादा समय से, आपने लगातार मुझ पर अपना भरोसा और सपोर्ट दिखाया है, और इसी भरोसे के बल पर हमने बिहार और आप सभी की पूरी लगन से सेवा की है। यह आपके भरोसे और सपोर्ट की ताकत ही थी जिसने आज बिहार को विकास और सम्मान का एक नया आयाम पेश करने में काबिल बनाया है। इसके लिए, मैंने पहले भी कई बार आपका शुक्रिया अदा किया है।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बृहस्पतिवार को राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले हैं। इनके अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी राज्यसभा के लिए बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन इस मौके पर नवीन के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मौजूद रहने की उम्मीद है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख और राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज सुबह 11 बजे के बाद विधानसभा परिसर में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। बिहार में राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होना प्रस्तावित है। उम्मीदवार नौ मार्च तक अपने नामांकन वापस ले सकते हैं। बिहार में राज्यसभा की कुल 16 सीटों में से पांच सीटें अप्रैल में रिक्त हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव कराया जा रहा है।
इन पांच सीटों में से दो सीटें जदयू के पास हैं और माना जा रहा है कि पार्टी इन्हें बरकरार रखेगी। हालांकि पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार मौका नहीं दिया जाएगा, जबकि केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, जो भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं, को तीसरी बार राज्यसभा भेजा जा सकता है।
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को पुष्टि की थी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य की राजनीति में इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं कि जदयू प्रमुख सत्ता की कुर्सी भाजपा को सौंप सकते हैं और बदले में अपने पुत्र को उपमुख्यमंत्री पद दिलाने की कोशिश कर सकते हैं।
भाजपा ने बिहार की इन पांच सीटों में से दो के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हैं, जो फिलहाल राज्य विधानसभा के सदस्य हैं। पार्टी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए समर्थन दिया है।