पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष ने कहा कि कई बार खिलाड़ियों को खेल और सरकारी नौकरी में से किसी एक को चुनना पड़ता है, जिसके कारण वे धीरे-धीरे खेल से दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि खेलों से जुड़े रहते हुए भी सरकारी नौकरी हासिल करना संभव है और ये खिलाड़ी इसका उदाहरण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से अधिक युवा खेलों के प्रति आकर्षित होंगे और खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।