शिक्षिका भांजी ने पहले की घर की रेकी
वारदात में डेढ़ लाख नकद और गहने लूटे
नयी दिल्ली : दिल्ली के रोहिणी इलाके में 60 वर्षीय बुजुर्ग की कथित हत्या और घर में लूटपाट के मामले ने पुलिस जांच में नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने वारदात के सिलसिले में मृतक की भांजी समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की भांजी ही कथित तौर पर इस पूरी वारदात की मुख्य साजिशकर्ता थी। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले घर की रेकी की और फिर मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। मामले में शामिल एक अन्य अभियुक्त अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
रात में मिली लूट और बुजुर्ग के अचेत होने की सूचना
रोहिणी के पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:14 बजे दक्षिण रोहिणी थाने को सेक्टर-3 स्थित एक मकान में लूटपाट और एक व्यक्ति के अचेत पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसी बीच परिजन करीब 60 वर्षीय राकेश खन्ना को जयपुर गोल्डन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, राकेश खन्ना दिल की बीमारी से भी पीड़ित थे। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस ने घटनास्थल की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
शिक्षिका भांजी पर मुख्य साजिश का आरोप
पुलिस ने मामले में बुराड़ी निवासी 23 वर्षीय सिमरन तनेजा, 22 वर्षीय चिराग और 19 वर्षीय पारस को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सिमरन तनेजा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है और मृतक की भांजी है। जांच में पुलिस को उसके कथित तौर पर वारदात की साजिश में शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस का कहना है कि सिमरन ने कथित रूप से अपने साथियों के साथ मिलकर घर को निशाना बनाने की योजना तैयार की। चूंकि वह परिवार से जुड़ी थी, इसलिए उसे घर और वहां मौजूद सामान के बारे में जानकारी होने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना कैसे बनी और इसमें प्रत्येक अभियुक्त की क्या भूमिका थी?
दो दिन पहले की थी घर की रेकी
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपितों ने वारदात से पहले इलाके की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त को घर और आसपास के क्षेत्र की रेकी की गयी थी। इसके बाद मंगलवार शाम आरोपितों ने योजना को अंजाम दिया।पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे तीन अभियुक्त घर के भीतर दाखिल हुए, जबकि उनका एक साथी बाहर रहकर निगरानी कर रहा था। घर में घुसने के बाद आरोपितों ने लूटपाट की। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों को घर में नकदी और आभूषण होने की जानकारी किस तरह मिली।
डेढ़ लाख रुपये और सोने के गहने लूटे
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद घर से करीब 1.5 लाख रुपये नकद और सोने के कुछ आभूषण गायब मिले। आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 70 हजार रुपये नकद और चोरी किए गए कुछ गहने बरामद किए हैं। बरामदगी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस बाकी नकदी और आभूषणों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि लूट की रकम और चोरी का सामान वारदात के बाद कहां ले जाया गया था।
एफएसएल और अपराध टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया। एफएसएल और अपराध टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से मिले तथ्यों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के आधार पर वारदात में चार लोगों के शामिल होने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, तीन लोग घर के भीतर गए थे, जबकि चौथा साथी बाहर निगरानी कर रहा था। फरार अभियुक्त की पहचान हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
हत्या, लूट और साझा मंशा की धाराओं में मामला
दक्षिण रोहिणी थाने में मामले को लेकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 309(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इनमें हत्या, लूट और साझा मंशा से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। खासतौर पर मृतक की भांजी की कथित भूमिका, घर की रेकी, वारदात की योजना और फरार अभियुक्त हिमांशु से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
परिवार से जुड़ी होने के कारण सिमरन की भूमिका पर फोकस
मामले में पुलिस का सबसे अधिक ध्यान सिमरन तनेजा की कथित भूमिका पर है। मृतक की भांजी होने के कारण वह परिवार और घर की परिस्थितियों से परिचित थी। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि उसने कथित रूप से साथियों को कौन-कौन सी जानकारी दी और वारदात के लिए घर को निशाना बनाने का फैसला किस आधार पर किया गया। फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार हिमांशु की तलाश जारी है। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को वारदात की योजना, उसके पीछे के मकसद और सभी आरोपितों की वास्तविक भूमिका के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है।