निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा: राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-16) स्थित लिलुआ के जयपुर बील अंडरपास की बदहाली के कारण आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होते ही पूरा अंडरपास जलमग्न हो जाता है, जिससे राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह किसी एक दिन की समस्या नहीं है, बल्कि हर साल मानसून के दौरान यहां जलजमाव का यही नजारा देखने को मिलता है।
पानी जमा होने से गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन
अंडरपास की मुख्य सड़क जगह-जगह से जर्जर हो चुकी है और उसमें बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। बारिश का पानी भर जाने के कारण चालकों को सड़क के इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। अंडरपास से गुजरते समय दोपहिया और साइकिल सवारों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है, वहीं अन्य छोटे-बड़े वाहन भी रेंग-रेंगकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जलभराव और जर्जर सड़क की वजह से आए दिन यहां हादसे हो रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से स्थायी समाधान की मांग, ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील
अंडरपास की दुर्दशा से परेशान स्थानीय लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें:
सड़क का जीर्णोद्धार: क्षतिग्रस्त सड़क की तुरंत मरम्मत कराई जाए और गड्ढों को भरा जाए।
उचित जलनिकासी व्यवस्था: अंडरपास में जलजमाव को रोकने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए।
नियमित रखरखाव: बारिश के मौसम में जमा पानी को पंपों के जरिए निकालने का तुरंत इंतजाम किया जाए।
इलाके के निवासियों का कहना है कि जब तक जलनिकासी का पुख्ता बंदोबस्त नहीं होगा, तब तक रोजाना इस मार्ग से यात्रा करने वाले हजारों लोगों को राहत नहीं मिल सकेगी।