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मिड-डे मील व्यवस्था सुधारने के लिए नए निर्देश जारी

रसोइयों की संख्या बढ़ेगी, बेहतर होगी छात्रों तक भोजन की पहुंच

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शिक्षा भवन में मिड-डे मील योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में उन स्कूलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था, जिन्हें वर्तमान में इस्कॉन (ISKCON) से मिड-डे मील मिल रहा है। चर्चा के दौरान यह तय किया गया कि फिलहाल स्कूल अपने स्तर पर हफ्ते में दो दिन छात्रों को अंडे उपलब्ध कराएंगे, जिसके बदले में सरकार द्वारा आर्थिक सहायता या रीइंबर्समेंट दिया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

स्कूलों में अंडा वितरण को लेकर नई चुनौती

बैठक में शामिल प्रधानाध्यापकों के अनुसार, प्रति अंडा 16 रुपये का खर्च तय किया गया है। जिन स्कूलों को 'कंपोजिट ग्रांट' मिली है, वे इस फंड से खर्च वहन कर सकते हैं और बाद में बिल जमा करके पैसे वापस ले सकते हैं। इसके अलावा, नदिया के हरिनघाटा फार्म से अंडे खरीदने के लिए सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करने की योजना पर भी चर्चा हुई। वहीं, स्वयंसेवी संस्थाओं का कहना है कि प्रति अंडा सिर्फ 8 रुपये मिलने से उन्हें वित्तीय नुकसान होगा, क्योंकि उबालने और ढोने का खर्च इससे पूरा नहीं होता। इस असमंजस के बीच सरकार ने कम छात्रों वाले स्कूलों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर खरीदने की घोषणा की है और वित्तीय वर्ष के दौरान इस्कॉन को होने वाले भुगतान से इस खर्च को समायोजित करने पर भी विचार चल रहा है।

रसोइयों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी

मिड-डे मील व्यवस्था में सुधार के तहत खाना वितरण की दिक्कतों पर अधिकारियों ने एक हफ्ते में स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया है। अब 'कुक-कम-हेल्पर' के नए मानकों के अनुसार हर 50 छात्रों पर 1, 100 पर 2 और 500 छात्रों पर 6 रसोइया नियुक्त किए जाएंगे, जो खाना पकाने और परोसने में मदद करेंगे। इस्कॉन नया मेनू तैयार कर रहा है और सभी स्कूलों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

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