काठमांडू : नेपाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए भारत समेत छह देशों से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर क्षेत्री ने बताया कि कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया और सभी राजदूतों को एक महीने के भीतर नेपाल लौटने का निर्देश दिया गया है।
जिन देशों से राजदूतों को वापस बुलाया गया है उनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, डेनमार्क, दक्षिण कोरिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। भारत में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा के साथ ऑस्ट्रेलिया से चित्रलेखा यादव, डेनमार्क से सुम्निमा तुलाधर, श्रीलंका से पूर्ण बहादुर नेपाली, दक्षिण कोरिया से शिवमाया तुम्बाहाम्फे और दक्षिण अफ्रीका से कपिलमान श्रेष्ठ को भी वापस बुलाया गया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सभी राजदूतों को सोमवार को पत्र जारी कर दिया गया है और उन्हें एक महीने के भीतर काठमांडू लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले अंतरिम सरकार भी ओली प्रशासन के समय राजनीतिक कोटे के तहत नियुक्त कई राजदूतों को वापस बुला चुकी है।
पिछले महीने रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। बड़े युवा आंदोलन के बाद के.पी. शर्मा ओली सरकार गिर गई थी और नई सरकार ने सत्ता संभालते ही पिछली नियुक्तियों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।