नई दिल्ली : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। इससे पहले उनकी हिरासत की अवधि पूरी होने पर उन्हें अदालत में पेश किया गया था।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, शुभम खैरनार उन लोगों में शामिल हैं जिनका कथित तौर पर लीक हुए NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र के प्रसार से संबंध है। एजेंसी का दावा है कि यह मामला एक बड़े नेटवर्क और सुनियोजित साजिश से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच अभी जारी है।
सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत को बताया कि एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे कथित रूप से सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान शिक्षक प्रह्लाद कुलकर्णी और पुणे निवासी धनंजय लोखंडे के साथ मिलकर काम कर रही थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, वित्तीय लेन-देन और अन्य सबूतों से संकेत मिले हैं कि परीक्षा सामग्री तक पहुंच के बदले धन का आदान-प्रदान हुआ था।
CBI का आरोप है कि धनंजय लोखंडे ने कथित तौर पर मनीषा वाघमारे से प्रश्नपत्र हासिल किया और बाद में यह शुभम खैरनार तक पहुंचा। एजेंसी का कहना है कि पूरे नेटवर्क और लाभार्थियों की पहचान के लिए आरोपियों से आगे भी पूछताछ जरूरी है।
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिससे देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिली। इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
परीक्षा रद्द होने के बाद अब NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी संबंधित एजेंसियों को सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के कड़े इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
फिलहाल CBI पेपर लीक के पूरे नेटवर्क, धन के प्रवाह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।