20 लाख में ​बिक रहा था सरकारी डॉक्टर बनने का सपना सांकेतिक फोटो
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NEET लीक : 20 लाख में बिक रहा था सरकारी डॉक्टर बनने का सपना !

नीट परीक्षा में दलालों का नया साइलेंट रैकेट बेनकाब, ओएमआर शीट खाली छोड़कर बाद में भरवाने के लिए 20 लाख तक की डील, अहमदाबाद के छात्र की शिकायत पर जांच तेज

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पूरे देश के छात्रों और अभिभावकों को सन्न कर दिया है। अब तक पेपर लीक की खबरें तो आपने बहुत सुनी होंगी, लेकिन इस बार दलालों ने धांधली का एक ऐसा शातिर और साइलेंट तरीका निकाला, जिसे सुनकर जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। दावा किया जा रहा है कि दलालों द्वारा परीक्षा केंद्र मैनेज कर ओएमआर शीट खाली छोड़ने और बाद में सही जवाब भरकर सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए 20 लाख का रेट तय किया गया था।

इस तरह दलाल प्लानिंग करते हैं

इस नए रैकेट के तहत दलाल छात्रों को परीक्षा के दौरान अपनी ओएमआर शीट को पूरी तरह से खाली छोड़ने की सलाह देते हैं।  आरोप के मुताबिक दलालों का दावा है कि छात्र को सिर्फ अपने परीक्षा केंद्र की जानकारी देनी होती है। इसके बाद उस सेंटर के चुनिंदा स्टाफ और अधिकारियों को मोटी रकम देकर 'मैनेज' कर लिया जाता है, ताकि परीक्षा खत्म होने के बाद खाली छोड़ी गई ओएमआर शीट पर सही जवाबों के सर्कल्स खुद भरे जा सकें।

जांचकर्ताओं को शक न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी लगे, इसके लिए यह रैकेट छात्र को टॉपर बनाने या बहुत ज्यादा नंबर दिलाने का लालच नहीं देता। इसके बजाय, ओएमआर शीट में उतने ही नंबरों के सही जवाब भरे जाते हैं, जितने में छात्र को किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में आसानी से सीट मिल जाए।

छात्र ने किया भंडाफोड़

इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ अहमदाबाद के शुभम ठक्कर नाम के छात्र ने किया है, जिसने 2023 और 2024 में खुद नीट की परीक्षा दी थी। शुभम ने दलालों के साथ हुई इस पूरी संदिग्ध बातचीत को खुद रिकॉर्ड किया और सबूतों के साथ गुजरात साइबर सेल में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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