नयी दिल्ली : नीट-UG पेपर लीक मामले में दिल्ली के राउज अवेन्यू स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेने का आदेश टाल दिया है। अब इब 12 अगस्त को संज्ञन लेने के मामले में फैसला सुनाया जायेगा। इससे पहले जब पहली बार मामले की सुनवाई होनी थी तो सरकारी वकील के उपस्थित नहीं होने से सुनवाई टाल दी गयी थी। कोर्ट ने अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत 12अगस्त तक बढ़ाई है। रिपोर्ट के मुताबिक अभियुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पूछताछ होगी।
अभियुक्त मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिेश बिवाल ने कोर्ट से मांग की थी कि उनके पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और लाइ डिटेक्टर टेस्ट को लेकर निर्देश दिये जायें। कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियुक्तों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ायी थी। गौरतलब है कि यह मामला पहले न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में चल रहा था। हालांकि बाद में फास्टट्रैक कोर्ट गठित होने के बाद इसे न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा के पास भेजा गया। हालंकि उनके ट्रांसफर के बाद अजय गुप्ता को ही फास्टट्रैक कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है।
‘लाई-डिटेक्टर टेस्ट’ की याचिका खारिज
अदालत ने इसके साथ ही 3 अभियुक्ताें मंगल लाल बीवाल, दिनेश बीवाल और विकास बीवाल की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने अपनी इच्छा से ‘लाई डिटेक्टर टेस्ट’ और ‘ब्रेन मैपिंग’ कराने का अनुरोध किया था। लाई-डिटेक्टर टेस्ट के जरिये यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि कोई व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। ब्रेन मैपिंग में यह देखा जाता है कि कोई खास जानकारी सामने आने पर व्यक्ति के दिमाग में कोई खास प्रतिक्रिया होती है या नहीं।