जयपुर : रविवार 21 जून को फिर से नीट परीक्षा का आयोजन हुआ लेकिन इस री-नीट परीक्षा में भी बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली। जयपुर के एक परीक्षा केंद्र में छात्रा मोबाइल लेकर पहुंच गई। एग्जाम देने के दौरान पूरे तीन घंटे तक छात्रा के पास मोबाइल था। एग्जाम पूरा होने के समय शाम करीब 5 बजे वीक्षक को छात्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान छात्रा के अंडरगारमेंट में छिपाया हुआ मोबाइल मिल गया।
जयपुर में आयोजित NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन लेकर पहुंचने वाली छात्रा को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने छात्रा को जेल भेज दिया है।
री-नीट परीक्षा के दौरान इस बार कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए। बायोमेट्रिक जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। हर छात्र छात्रा की जांच मेटल डिटेक्टर से की गई। परीक्षा केंद्रों पर जैमर भी लगाए गए। इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद भी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिंदायका के परीक्षा केंद्र में एक छात्रा मोबाइल लेकर दाखिल हो गई। हिमांशी नाम की छात्रा ने बायोमेट्रिक जांच और मेटल डिटेक्टर की जांच को धत्ता बता दिया।
सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए छात्रा हिमांशी ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया। एग्जाम के दौरान वह बार बार टॉयलेट करने जाती रही। टॉयलेट में जाकर वह मोबाइल में AI के जरिए प्रश्नों का उत्तर ढूंढती और फिर परीक्षा हॉल में आकर उत्तर लिखती। वीक्षक को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उससे पूछताछ की गई। छात्रा ने कहा कि उसे कोई शारीरिक प्रॉब्लम है। ऐसे में उसे बार बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है। वीक्षक को शक हुआ तो उन्होंने अलग कमरे में ले जाकर गहन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पास अंडर गारमेंट में छिपाया हुआ मोबाइल मिल गया।
इस मामले में सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि सभी परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाने के दावे किए गए। जैमर होने के बावजूद भी छात्रा हिमांशी परीक्षा केंद्र में मोबाइल चलाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से प्रश्नों के उत्तर ढूंढती रही। सवाल यह उठ रहा है कि जैमर लगे होने के बावजूद भी छात्रा ने मोबाइल का उपयोग कैसे कर लिया। अगर वह AI के जरिए सवाल हल करती रही तो इसका मतलब साफ है कि जैमर काम नहीं कर रहे थे।
छात्रा द्वारा मोबाइल लेकर री-नीट का एग्जाम देने के मामले में सुरक्षाकर्मियों की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के अंतिम समय से महज 10 मिनट पहले छात्रा वहां पहुंची थी। उस समय अन्य छात्र छात्राओं की लाइन लगी हुई थी। जल्दबाजी में मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही थी। जब हिमांशी की जांच की गई तो मेटल डिटेक्टर में बीप की आवाज आई। सुरक्षाकर्मी ने पूछा तो बोली कि उसके अंडर गारमेंट में हुक लगा हुआ है। उसी की वजह से आवाज आ रही है। सुरक्षाकर्मी ने लापरवाही बरतते हुए उसकी बात पर भरोसा कर लिया और उसे प्रवेश दे दिया। बाद में छात्रा मोबाइल के साथ पकड़ी गई।
परीक्षा केंद्र में मोबाइल होने की बात सामने आने पर हड़कंप मच गया। पुलिस के उच्च अधिकारी तुरंत परीक्षा केंद्र पहुंचे। देर रात तक छात्रा और सुरक्षाकर्मी से पूछताछ की गई। देर रात को वीक्षक की ओर से रिपोर्ट ली गई और बिंदायका थाना पुलिस ने छात्रा हिमांशी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई छात्रा हिमांशी जयपुर के गुर्जर की थड़ी इलाके की रहने वाली है। नीट एग्जाम में उसका यह तीसरा अटेंप्ट था। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले सुरक्षाकर्मी से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।