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NEET 2026: री-एग्जाम में चंद मिनट की देरी, बेटी का साल बर्बाद होने पर पिता सेंटर के बाहर फूट-फूटकर रोए

जमीन-जायदाद बेचकर बेटी को डॉक्टर बनाने निकले पिता, री-एग्जाम सेंटर के बाहर बंद गेट और कड़े नियमों के बीच फूट-फूटकर रो पड़े

'भाई साहब अंदर आने दो। बेटी का साल बर्बाद हो जाएगा। पहले पेपर लीक हो गया था। कुछ मदद कर दो...' नीट छात्रा के पिता बहुत देर तक हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे। अपनी परेशानी समझाने की कोशिश भी की। लेकिन कुछ काम नहीं आया। एग्जाम सेंटर के बाहर खड़े पिता और बेटी एक-एक पल उन संघर्षों, मेहनत और त्याग को बर्बाद होता महसूस कर रहे थे। 21 जून को नीट यूजी परीक्षा के दौरान का यह मंजर वाकई भावुक कर देने वाला था।

दरअसल, पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के चलते 3 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा 2026 रद्द कर दी गई थी। सरकार और एनटीए ने पूरी परीक्षा रद्द करके फिर से 21 जून 2026 को आयोजित करने का फैसला लिया था।

नीट एस्पिरेंट और समाज के लिए यह राहत की बात हो सकती है, क्योंकि पेपर लीक या नकल के जरिए एमबीबीएस सीट पाकर डॉक्टर बनने वाले समाज के लिए खतरा बन सकते थे। लेकिन इस फैसले का सबसे ज्यादा नुकसान उन नीट उम्मीदवारों को हुआ,जिनका पेपर पहले अच्छा गया था या री-एग्जाम में बैठने में असमर्थ रहे। उन्हीं में से एक मध्य प्रदेश, विदिशा की छात्रा भी थी।

चंद मिनट की देरी से बर्बाद हुई सालभर की मेहनत

चंद मिनट की देरी इतनी भारी पड़ सकती है, शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। मध्य प्रदेश के विदिशा में स्थित एक एग्जाम सेंटर के बाहर एक पिता उस वक्त पूरी तरह टूट गया, जब कुछ मिनट की देरी के चलते बिटिया नीट नहीं दे पाई। सोशल मीडिया पर काफी शेयर किये जा रहे एक वीडियो में दोनों एग्जाम सेंटर के बाहर रोते-बिलखते प्रार्थना करते दिख रहे हैं। यहां तक कि पिता ने सेंटर के गेट पर अपना सिर तक दे मारा, लेकिन एनटीए के नियमों के चलते दोपहर 01:30 बजे एग्जाम सेंटर का गेट बंद कर दिया गया था।

बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए सबकुछ बेच दिया

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि विदिशा के रहने वाले पिता ने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाने के लिए सबकुछ बेच दिया है। जमीन-जायदाद बेचकर नीट की कोचिंग कराई थी। बेटी ने भी नीट एग्जाम  पास करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की थी। कई-कई घंटे पढ़ाई की और घर से दूर जाकर कोचिंग की थी, लेकिन वह एग्जाम नहीं दे पाई।

पेपर लीक पर फूटा गुस्सा

पिता ने बताया कि बिटिया ने 3 मई को नीट एग्जाम  दिया था, लेकिन पेपर लीक हो गया। पिता ने कहा, 'पिछली बार एग्जाम दिया तो पेपर लीक हो गया। अब सिर्फ कुछ मिनट देर से एग्जाम सेंटर पहुंचे तो अंदर आने नहीं दिया जा रहा है। उस वक्त ये नियम कहां थे जब पेपर लीक हुआ। उसमें तो हमारी गलती नहीं थी।' पिता, जिसने अपनी बेटी के भविष्य के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था, वहीं सड़कर पर चीख-चीखकर रोने लगा। बेटी भी अपने पिता की हालत देखकर खुद को रोक नहीं पाई और वहीं फूट-फूटकर रो पड़ी।

इसीलिए...

नीट जैसी बड़ी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को बार-बार यही सलाह दी जाती है कि एग्जाम शुरू होने से उचित समय पहले एग्जाम सेंटर पहुंचना चाहिए। अगर परीक्षा 2 बजे से है तो कम से कम एक से डेढ़ घंटा पहले सेंटर पर पहुंचना चाहिए, क्योंकि एग्जाम सेंटर पहुंचने के बाद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और अन्य प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिसमें समय लग सकता है। एग्जाम सेंटर की जानकारी के लिए एग्जाम सिटी इंटीमेशन स्लिप भी जारी की जाती है ताकि अगर कोई छात्र शहर से बाहर हो तो वह समय पर एग्जाम वाले शहर पहुंचने की प्लानिंग कर सके।

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