निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नैहाटी : नैहाटी में रेलवे स्टेशन के पास स्थित राजनीतिक कार्यालयों को हटाने के रेलवे के निर्देश ने सियासी हलचल तेज कर दी है। बुधवार की समयसीमा समाप्त होने से पहले ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नैहाटी स्टेशन के प्लेटफार्म 1 से संलग्न पार्टी कार्यालय से अपने सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान हटाना शुरू कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन व अंचल तृणमूल नेता अशोक चटर्जी खुद को संभाल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।
बिना हस्ताक्षर और मोहर वाले नोटिस पर उठाए गये सवाल
विशेष रूप से जब पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें कार्यालय से बाहर ले जाई जा रही थीं, तब चेयरमैन भावुक हो गए। उन्होंने रेलवे द्वारा दिए गए नोटिस की वैधता पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस नोटिस पर न तो किसी के हस्ताक्षर हैं और न ही विभाग की आधिकारिक मुहर, फिर भी कानून का सम्मान करते हुए वे जगह खाली कर रहे हैं। अशोक चटर्जी ने स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि साल 1986 से इस कार्यालय के माध्यम से पार्टी कर्मियों ने आम जनता के हितों के लिए दिन-रात काम किया है। उन्होंने कहा कि समय बदल रहा है और लोकतंत्र में जनता की बात ही सर्वोपरि होती है, जिसे स्वीकार करना उनकी मजबूरी और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय हटने से लोगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कम नहीं होगी और वे अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं हटेंगे। इसी बीच, जिले के ही टीटागढ़ स्थित टाटा गेट इलाके से भी मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य कार्यालय से पार्टी का बोर्ड हटा लिया गया, जो क्षेत्र में बदलते राजनीतिक या प्रशासनिक घटनाक्रमों की ओर इशारा करता है।