गुवाहाटी : असम की नगांव लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने एआईयूडीएफ प्रमुख और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार बदरुद्दीन अजमल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शर्मा ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान अजमल ने उनके खिलाफ झूठे और मानहानिकारक बयान दिए तथा उन्हें ‘‘हत्यारा’’ बताया। शिकायत नगांव सदर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई। शर्मा के अनुसार, अजमल ने जुरिया में एक चुनावी सभा के दौरान नगांव के पूर्व जिला आयुक्त के तौर पर उनके कार्यकाल का जिक्र करते हुए मुमताज बेगम नामक महिला के लापता होने के मामले में उन्हें जिम्मेदार ठहराया। अजमल ने कथित तौर पर कहा था कि महिला को ‘‘सीमा पार धकेल दिया गया या मुठभेड़ में मार दिया गया’’ और इसी संदर्भ में शर्मा के लिए ‘‘हत्यारा’’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
महिला को बांग्लादेश भेजे जाने का मामला
यह विवाद नगांव जिले की दो महिलाओं—बागरीगुड़ी की जहांआरा बेगम और धींग गांव की मुमताज बेगम—से जुड़े उस मामले की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जिनके बारे में विपक्षी नेताओं का आरोप है कि उन्हें 13-14 जून की दरम्यानी रात सीमा पार बांग्लादेश भेज दिया गया था। दोनों महिलाओं के बारे में अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं होने को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। अजमल ने इससे पहले भी इस मामले को चुनाव प्रचार के दौरान उठाया था। सितंबर में उन्होंने दोनों महिलाओं के परिवारों से मुलाकात की थी और मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। उन्होंने उस समय आरोप लगाया था कि महिलाओं को उस समय सीमा पार भेजा गया, जब शर्मा नगांव के उपायुक्त थे। ये आरोप अजमल की ओर से लगाए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शर्मा ने आरोपों को बताया झूठा
पुलिस शिकायत में शर्मा ने कहा कि उन्हें सार्वजनिक रूप से ‘‘हत्यारा’’ कहे जाने के बाद कथित बयान के ऑडियो-वीडियो क्लिप तैयार कर सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल माध्यमों से पूरे संसदीय क्षेत्र में प्रसारित किए गए। उनका कहना है कि ऐसे बयान उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं। शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें कभी किसी सक्षम अदालत ने हत्या या किसी अन्य गंभीर अपराध के मामले में आरोपी नहीं बनाया, न उनके खिलाफ ऐसा मुकदमा चला और न ही उन्हें किसी अपराध में दोषी ठहराया गया है।
आचार संहिता के उल्लंघन का भी आरोप
भाजपा उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कथित झूठे आरोपों को डिजिटल माध्यमों पर व्यापक रूप से प्रसारित करना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू किए जाने की जानकारी दी है। नगांव लोकसभा उपचुनाव में भाजपा के देवाशीष शर्मा, एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस की सिबामोनी बोरा प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं। 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। इस शिकायत के बाद उपचुनाव के अंतिम चरण में शर्मा और अजमल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा और प्रमुख हो गया है। हालांकि, पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।