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TMC नेता संजय दास की रहस्यमयी मौत, सियासी दबाव और धमकियों का एंगल!

पोस्टर, पैसे की मांग और गिरफ्तारी का डर—क्या इन कारणों से टूटा मनोबल?

कोलकाता:
पश्चिम बंगाल के दक्षिण दमदम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के काउंसिलर संजय दास की असामान्य मौत ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। शनिवार सुबह उनके घर से फंदे से लटका हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन घटना के पीछे कई संभावित कारण सामने आ रहे हैं, जो इस मामले को और रहस्यमय बना रहे हैं।

संजय दास स्थानीय राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा थे और Debraj Chakraborty तथा Aditi Munshi के करीबी माने जाते थे। चुनाव के बाद इलाके में उनके खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें उन पर अवैध जमीन कब्जाने के आरोप लगाकर जमीन वापस करने की मांग की गई थी। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि उन्हें इन मामलों को लेकर धमकियां दी गई थीं।

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में उनसे बड़ी रकम की मांग भी की गई थी। कुछ स्थानीय नेताओं का दावा है कि यह दबाव उन लोगों की ओर से आया, जो हाल ही में तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कई नेताओं पर कार्रवाई शुरू होने से संजय दास भी दबाव में थे। माना जा रहा है कि संभावित गिरफ्तारी और पुराने मामलों के सामने आने की आशंका ने उनके मानसिक तनाव को बढ़ा दिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अवसाद में थे।

इस बीच, नगर निगम से जुड़े ठेके और उनके कथित संबंधों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि इन मामलों के उजागर होने की आशंका भी उनके मानसिक दबाव का कारण बन सकती है। हालांकि पार्टी के भीतर ही एक वर्ग इन दावों से सहमत नहीं है।

संजय दास को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और क्या यह मामला सिर्फ आत्महत्या है या इसके पीछे कोई बड़ा कारण छिपा है।

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