केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 
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पहले बंगाल आता था तो आत्मा रोती थी : शिवराज सिंह चौहान

नवान्न से पूर्ववर्ती ममता सरकार पर बड़ा हमला, शुभेंदु सरकार की पीठ थपथपाई

कोलकाता : नवान्न में मंगलवार को केंद्र और राज्य के बीच बदले राजनीतिक समीकरणों की स्पष्ट झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर केंद्र की योजनाओं में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया, जबकि वर्तमान सरकार के साथ बेहतर समन्वय की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, "पहले जब पश्चिम बंगाल आता था तो मन व्यथित हो जाता था, आत्मा रोती थी। केंद्र की योजनाएं गांवों तक नहीं पहुंच पाती थीं और विकास राजनीतिक टकराव का शिकार था। अब डबल इंजन सरकार के कारण विकास को नई गति मिली है।"

शिवराज ने दावा किया कि पिछली सरकार के असहयोग के कारण सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल, मेट्रो और गैस पाइपलाइन समेत 82,492 करोड़ रुपये की परियोजनाएं वर्षों तक अटकी रहीं। उन्होंने कहा कि नई सरकार के सहयोग से इन बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण विकास के लिए 8,508 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की घोषणा की। राज्य के अंशदान के साथ यह राशि 12,064 करोड़ रुपये से अधिक होगी। उन्होंने बताया कि इस धन का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना, सड़कों, तालाबों, स्कूलों तथा अन्य विकास कार्यों पर किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए शिवराज ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राज्य की कृषि योग्य भूमि का वैज्ञानिक परीक्षण कर जिला-वार फसल योजना तैयार की जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। चूचूड़ा राइस रिसर्च स्टेशन को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि मालदा में 100 करोड़ रुपये की लागत से उच्च गुणवत्ता वाले फलों के पौध उत्पादन केंद्र की स्थापना होगी। इसके अलावा पश्चिम बंगाल को आलू, जूट और अन्य फसलों के उन्नत बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा, ताकि भविष्य में राज्य पूरे पूर्वी भारत का बीज उत्पादन हब बन सके।

किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर किसान क्रेडिट कार्ड अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बैंक और नाबार्ड के सहयोग से गांव-गांव शिविर लगाकर किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ा जाएगा, ताकि वे महाजनों पर निर्भर न रहें। बैठक के अंत में शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के निर्माण में पश्चिम बंगाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य "कंधे से कंधा मिलाकर" काम करेंगे और बंगाल के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

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