सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान के क्षण में अमृता मिंज ने गोवा में 24 से 28 फरवरी तक आयोजित प्रथम बीच स्प्रिंट राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप के सीडब्ल्यू 1एक्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप रोइंग एंड स्कलिंग एसोसिएशन डी गोवा द्वारा रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर से शीर्ष रोइंग खिलाड़ियों ने भाग लिया। अद्भुत दृढ़ संकल्प, उत्कृष्ट कौशल और असाधारण धैर्य का परिचय देते हुए अमृता मिंज ने अपने वर्ग में विजय हासिल की और राष्ट्रीय स्तर पर द्वीपसमूह का नाम रोशन किया। विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि यह बीच स्प्रिंट राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप देश में पहली बार आयोजित की गई, जो भारत में रोइंग के इस रोमांचक और तेजी से लोकप्रिय हो रहे प्रारूप की ऐतिहासिक शुरुआत को दर्शाती है। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी अत्यंत सराहनीय है क्योंकि अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में पर्याप्त रोइंग अवसंरचना और उन्नत प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। बेहतर संसाधनों और पेशेवर प्रशिक्षण सुविधाओं से लैस खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए उनकी सफलता उनके अथक परिश्रम, समर्पण और अटूट प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है। अंडमान एवं निकोबार रोइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. भास्कर ने अमृता मिंज को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने चैंपियनशिप की विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने वाले द्वीपसमूह के अन्य रोवर्स को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं, जिन्होंने उत्साह और खेल भावना के साथ केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय जीत द्वीपसमूह में छिपी खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाओं को उजागर करती है और स्थानीय स्तर पर रोइंग अवसंरचना तथा व्यवस्थित प्रशिक्षण सुविधाओं को सुदृढ़ करने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकें। जी. भास्कर ने रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से यह भी आग्रह किया है कि अगली बीच स्प्रिंट राष्ट्रीय रोइंग चैंपियनशिप अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में आयोजित करने पर विचार किया जाए, जहां प्राकृतिक रूप से सुंदर और उपयुक्त समुद्र तट उपलब्ध हैं जो बीच स्प्रिंट रोइंग स्पर्धाओं के लिए आदर्श माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप की मेजबानी से न केवल द्वीपसमूह में जल क्रीड़ाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खेल पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय खिलाड़ियों को व्यापक अवसर और पहचान प्राप्त होगी।