गुजरात के 2 दिवसीय दौरे दौरान पीएम
भीलड़ी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के 2 दिवसीय दौरे के दौरान विकास, किसान कल्याण, पशुपालन और राष्ट्रीय एकता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने बनासकांठा जिले के भीलड़ी में 325 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) का उद्घाटन किया। इसके साथ ही 14 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी की। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करते रहेंगे। उनका यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हालिया विवादित टिप्पणी के बाद आया। दूसरी ओर, मोदी के रोड शो और रैली में 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारे लगाए गए।
देसी पशु नस्लों के संवर्धन को बढ़ावा
भीलड़ी में 127 एकड़ क्षेत्र में स्थापित बीबीबीआरसी की स्थापना बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के तकनीकी मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से की है। यहां आधुनिक इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) और भ्रूण प्रतिरोपण तकनीकों के माध्यम से प्रतिवर्ष 25 हजार उच्च गुणवत्ता वाले भ्रूण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र में कांकरेज, गिर, साहीवाल और थारपारकर गायों तथा मेहसाणा, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा भैंसों की नस्लों के सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुपालकों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण वीर्य, भ्रूण और प्रजनन संबंधी सुविधाएं मिलेंगी। इससे कम पशुओं के माध्यम से अधिक दूध उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
9.34 करोड़ किसानों को 18,690 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त के तहत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि अंतरित की। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2019 में योजना की शुरुआत के बाद से अब तक छोटे किसानों को लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये सीधे मिल चुके हैं। ओडिशा के 35.38 लाख से अधिक किसानों को भी करीब तीन हजार करोड़ रुपये प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर से कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने सीएम-किसान, सुभद्रा योजना, धान की 3,100 रुपये प्रति क्विंटल खरीद और कृषि विद्यानिधि छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। साथ ही बाढ़ प्रभावित किसानों को नुकसान के आकलन के आधार पर सहायता देने का आश्वासन दिया।
उर्वरकों की कीमतों पर सरकार का आर्थिक सहयोग
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद सरकार किसानों को उर्वरकों की बढ़ी कीमतों से राहत दे रही है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया का एक बोरा करीब तीन हजार रुपये का है, जबकि भारतीय किसानों को यह 300 रुपये से कम में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी प्रकार पांच हजार रुपये से अधिक कीमत वाला डीएपी किसानों को 1,350 रुपये में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उर्वरक सब्सिडी पर सरकार ने लगभग 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पिछले 12 वर्षों में गेहूं और धान उत्पादकों को एमएसपी के तहत 24 लाख करोड़ रुपये दिए गए तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के माध्यम से 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया गया।
बॉक्स ..... चारपाई सभा और भारत पर्व का शुभारंभ
भीलड़ी की जनसभा में कुर्सियों के स्थान पर चारपाइयों की व्यवस्था आकर्षण का केंद्र रही। प्रधानमंत्री ने इसकी सराहना करते हुए इसे अपने संबोधित किए गए सबसे बड़े चारपाई आयोजनों में से एक बताया। रोड शो में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी उनके साथ मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निकट एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन किया। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इसमें विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प, हथकरघा, क्षेत्रीय व्यंजनों और लोक संस्कृतियों का प्रदर्शन किया जा रहा है।