नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी दरों में कटौती लागू होने से एक दिन पहले रविवार को स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि देश की समृद्धि को बढ़ाने के अभियान में स्वदेशी को अपनाना ही ताकत देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की वृद्धि गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता को बढ़ायेंगे और अधिक निवेशकों को आकर्षित करेंगे।
ट्रंप के टैरिफ बम और फीस बम के बीच ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर
मोदी ने रविवार को राष्ट्र के नाम दिये अपने संबोधन में लोगों से स्वदेशी अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि हमें वह सामान खरीदना चाहिए, जो हमारे अपने देश में बना हो। ऐसा सामान जिसमें हमारे देश के युवाओं का पसीना लगा हुआ हो। उन्होंने इसके साथ ही विकसित भारत तक जाने के रास्ते को आत्मनिर्भरता से भी जोड़ा। गौरतलब है कि मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका में ट्रंप सरकार के आने के बाद दोनों देशों के बीच में व्यापारिक सौदों में परेशानी सामने आ रही है। पहले इस मुद्दे को लेकर बातचीत बंद हो गयी थी, अभी फिर से इसका दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा और आयकर छूट के साथ यह ज्यादातर लोगों के लिए ‘दोहरा लाभ’ होगा।
जीएसटी सुधारों से छोटे और मझोले उद्यमों को लाभ
उन्होंने अगली पीढ़ी के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि जब भारत ने 2017 में जीएसटी सुधारों की ओर कदम बढ़ाया, तो इतिहास रचने की एक नयी शुरुआत हुई। मोदी ने कहा कि जीएसटी ने ‘एक राष्ट्र-एक कर’ के सपने को साकार किया। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि कैसे करों और टोल के जाल ने व्यवसायों और उपभोक्ताओं के लिए कठिनाइयां पैदा की हैं। उन्होंने 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट और जीएसटी सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि यह गरीबों, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए दोहरा लाभ है। उन्होंने यह भी कहा कि जीएसटी सुधारों से छोटे और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को बड़ा लाभ होगा। जीएसटी सुधारों के लागू होने से रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, दवाओं और उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल तक, लगभग 375 वस्तुओं पर दरें सोमवार से घट जायेंगी।
जीएसटी व्यवस्था संशोधनों का ‘पूर्ण श्रेय’ लेने का दावा कर रहे मोदी : कांग्रेस
दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर जीएसटी व्यवस्था में किये गये संशोधनों का ‘पूर्ण श्रेय’ लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सुधार अपर्याप्त हैं तथा राज्यों की मुआवजे की अवधि को और पांच साल के लिए बढ़ाने की मांग का कोई समाधान नहीं किया गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से यह तर्क देती रही है कि जीएसटी ‘विकास को अवरुद्ध करने वाला कर’ रहा है।