सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बिजली चोरी की शिकायतें दर्ज करने के लिए सीएम शुभेंदु अधिकारी ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली चोरी और औद्योगिक व कॉमर्शियल ग्राहकों द्वारा बकाया राशि नहीं चुकाने के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी। हालांकि बकाया राशि वाले घरेलू ग्राहकों के प्रति मानवीय रवैया अपनाया जाएगा। 'विद्युत प्रहरी' ऐप ग्राहकों को बिजली चोरी और शिकायतों की रिपोर्ट करने और अपनी शिकायतों की स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा देगा। बिजली चोरी रोकने के सरकार के पक्के इरादे को दोहराते हुए सीएम ने अधिकारियों को राजनीतिक दखलंदाजी को बढ़ावा नहीं देने की सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी पार्टी का कोई नेता दखल दे तो भी उस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाएगा। जहां भी हुकिंग का पता चले, वहां अवैध कनेक्शन काट दिए जाएं। हमें बिजली चोरी को शून्य पर लाना है।
सब-स्टेशन बनाने का काम तेजी से किया जाए
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी जरूरत हो, वहां सब-स्टेशन बनाने का काम तेजी से किया जाए, मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का ठीक से रखरखाव किया जाए और बिजली कटौती व कम वोल्टेज की शिकायतों का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में बिजली जरूरत से ज्यादा है। फिर भी, 'लोड-शेडिंग' जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं, जो वामपंथी दौर की देन हैं। यह सरकार के लिए अच्छी बात नहीं है। इसके साथ ही, कम वोल्टेज की समस्या का भी समाधान किया जाना चाहिए। अंडरग्राउंड केबलिंग का दायरा बढ़ाने, रुके हुए प्रोजेक्ट पूरे करने, भविष्य के कामों के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा।
सिफारिश पर नहीं, योग्यता पर ही नौकरी
सीएम ने घोषणा की कि बिजली विभाग में सभी नई नियुक्तियां पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग के माध्यम से की जाएंगी। किसी सिफारिश पर नौकरी नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों को अपनी शिक्षा पूरी करके उचित भर्ती प्रक्रिया के जरिए ही नौकरी मिलेगी। विभाग में इंजीनियरों के कई पद खाली हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा।