निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : 10 साल पहले चैत्र महीने में तारकेश्वर जल चढ़ाने गए बड़े बेटे अमर को सड़क दुर्घटना में खो चुकीं आनंदमयी देहाती अपने छोटे बेटे समर को वहां नहीं जाने देती थीं। हालांकि, हाल ही में जब मां कुछ दिनों के लिए उलुबेड़िया स्थित अपने मायके गईं, तो समर मां को बताए बिना 25 लोगों के दल के साथ तारकेश्वर के लिए निकल पड़ा। लेकिन रास्ते में वह अपने दल से बिछड़ गया और एक सड़क हादसे का शिकार हो गया। राहगीरों और अन्य श्रद्धालुओं ने पुलिस की मदद से उसे श्रीरामपुर वाल्स अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल के असिस्टेंट सुपर वासुदेव जोरदार ने 'वेस्ट बंगाल रेडियो क्लब' (हैम रेडियो) से संपर्क कर मदद मांगी। हैम रेडियो की त्वरित कार्रवाई से समर के भांजे तन्मय दास का पता चला, जो खुद उसी जल यात्रा का हिस्सा था और दो बार तारकेश्वर जाकर अपने मामा को ढूंढ चुका था। हैम रेडियो का संदेश मिलते ही तन्मय रोते हुए अस्पताल पहुंचा और दोनों का मिलन हुआ। तन्मय ने बताया कि वह बेहद डरा हुआ था कि कहीं अपने दूसरे मामा को भी न खो दे, लेकिन "भोले बाबा ने बचा लिया।" अब समर को इलाज के बाद घर वापस ले जाया जा रहा है। तन्मय ने हैम रेडियो और अस्पताल प्रशासन का तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त किया।