सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मौसम नूर जो कि तृणमूल की राज्यसभा सदस्य थी, उन्होंने शनिवार को कांग्रेस में वापसी की। अगले कुछ महीने में बंगाल में चुनाव है और ऐसे में यह राजनीतिक घटनाक्रम मायने रखता है। मौसम नूर के तृणमूल कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस में वापस आने से राजनीतिक हलचल शुरू हो गयी है। खासकर मालदह में पार्टी नेताओं की बयानबाजी शुरू हो गयी है। कांग्रेस पार्टी के एक हिस्से में इस वापसी से नाराजगी भी देखी जा रही है। ज़िला कांग्रेस के सीनियर नेता का साफ कहना है कि जब उन्होंने पार्टी छोड़ी थी, तब कांग्रेस की हालत ठीक नहीं थी और अब, कांग्रेस के अच्छे दिनों में मौसम तृणमूल छोड़कर कांग्रेस में दोबारा शामिल हो गई हैं। मालदह में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और जिला परिषद में विपक्ष के नेता अब्दुल हन्नान ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मौसम के पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस को कोई फायदा होगा। ऐसा लगता है कि कुछ ऐसा हुआ है कि इतना हंगामा शुरू हो गया है। कांग्रेस अब पहले से ही अच्छी स्थिति में है। इस बीच, ज़िला कांग्रेस के एक सीनियर नेता के ऐसे कमेंट्स से पार्टी का एक बड़ा हिस्सा बेचैन हो गया है। ज़िला कांग्रेस प्रेसिडेंट और साउथ मालदा के ईशाखान चौधरी ने कहा, मौसम कांग्रेस में शामिल होना चाहती थी, इसलिए उसकी रिक्वेस्ट पर उसे कांग्रेस में शामिल किया गया।
क्या कहना है मौसम नूर का
मौसम नूर का कहना है कि हमारा परिवार कांग्रेस से है, इसीलिए मैं गनी मामा की पुरानी कांग्रेस में वापस आ गई। असल में, मुझे वहां वह मुकाम नहीं मिला जिसकी मैं हकदार हूं।
‘मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी व्यक्तिगत फैसला’
तृणमूल कांग्रेस ने इसे तवज्जों नहीं दिया। तृणमूल की वरिष्ठ नेता व राज्य की मंत्री डॉ. शशि पांजा से इस बारे में मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मौसम नूर का यह फैसला उनका व्यक्तिगत था। तृणमूल के राज्य वाइस-प्रेसिडेंट और इंग्लिशबाज़ार म्युनिसिपैलिटी के चेयरमैन कृष्णेंदु नारायण चौधरी ने कहा कि हमारी पार्टी की लीडर ममता बनर्जी ने उसके लिए जो किया है, उसे भूल जाना बेईमानी है।