जमीयत उलेमा-ए-हिंद (mm) के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी 
टॉप न्यूज़

अत्याचार होगा तो जिहाद होगा : महमूद मदनी

मदनी के आरोप 'एक समूह' का वर्चस्व बनाने के लिए 'संगठित कोशिशें' की जा रही हैं सुप्रीम कोर्ट अपनी ड्यूटी नहीं निभाता है तो वह 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार नहीं भाजपा ने ऐेसे बयानों पर सुप्रीम कोर्ट से खुद से संज्ञान लेने की मांग की

भोपाल : जमीयत उलेमा-ए-हिंद (mm) के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को आरोप लगाया कि देश में एक समूह की ‘वर्चस्व’ स्थापित करने के लिए संगठित प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें बुलडोजोर कार्रवाई, भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करना और वक्फ को कमजोर करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जब-जब जुल्म बढ़ता है तो उसके खिलाफ लड़ाई लेने वाले सामने आ आते हैं। जिहाद होता है। यहां अत्याचार बढ़ेगा तो जिहाद होगा।

मदनी ने यह बातें जमीयत उलेमा-ए-हिंद (mm) की कार्यकारिणी बैठक के दौरान कही। मदनी ने यहां सुप्रीम कोर्ट पर भी भड़ास निकाली। मदनी कहा कि बाबरी मस्जिद फैसले और ऐसे कई दूसरे फैसलों के बाद यह बात जोर पकड़ रही है कि न्यायालय सरकारों के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट अपनी ड्यूटी नहीं निभाता है तो वह 'सुप्रीम' कहलाने का हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ हमारे पुरखों की विरासत है। हम इसे ऐसे जाते हुए नहीं देख सकते। हम इस पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा करने की बात कर रहे हैं।

मदनी ने आरोप लगाया कि नए कानून से सरकार ने कामकाज और आदर्शों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि जमीयत ने संयुक्त संसदीय समिति में इसका विरोध किया था। हम यह साफ करना चाहते हैं कि सरकारों को हमारे धार्मिक कामों में दखल नहीं देना चाहिए। हम लड़ेंगे और आखिरी सांस तक लड़ेंगे। इधर, मदनी बयान को भाजपा के सांसद संबित पात्रा ने भड़काऊ और देश को बांटने वाला करार दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के बयानों पर खुद से संज्ञान लेने की मांग की।

SCROLL FOR NEXT