अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस पर अंडमान-निकोबार में आयोजित विशाल सफाई अभियान का दृश्य।  
टॉप न्यूज़

अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस पर अंडमान-निकोबार में चला व्यापक सफाई अभियान

1630 किलो समुद्री कचरा और 1130 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम: अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस-2025 के अवसर पर 20 सितंबर को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न तटीय क्षेत्रों में एक विशाल सफाई अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व भारतीय तटरक्षक बल ने अंडमान एवं निकोबार कमांड के निर्देशन में किया। उद्देश्य था समुद्री पर्यावरण को प्लास्टिक और कचरे से मुक्त करना तथा जन-जागरूकता बढ़ाना।

सफाई अभियान डिगलीपुर, मायाबंदर, श्री विजयपुरम, हटबे, कामोर्टा, कार निकोबार और कैंपबेल बे जैसे प्रमुख तटीय इलाकों में एक साथ चलाया गया। श्री विजयपुरम के वंडूर और कॉर्बिन्स कोव समुद्र तटों पर सुबह 8 बजे कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और दक्षिण एशिया सहकारी पर्यावरण कार्यक्रम (SACEP) के तत्वावधान में हर वर्ष सितंबर के तीसरे शनिवार को मनाया जाता है। भारत में इस मुहिम की शुरुआत वर्ष 2006 से भारतीय तटरक्षक बल द्वारा की गई थी।

अभियान का उद्देश्य न केवल समुद्री तटों की सफाई करना था, बल्कि स्वच्छ भारत और स्वच्छ सागर जैसे अभियानों को गति देना और समुद्री पारिस्थितिकी की रक्षा करना भी था। खास तौर पर एकल-उपयोग प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना इस वर्ष के अभियान का महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा।

करीब 2500 स्वयंसेवकों ने इस सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इनमें तटरक्षक बल के जवान, एनसीसी कैडेट्स, स्कूल और कॉलेजों के छात्र, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधि शामिल थे। टीम भावना के साथ काम करते हुए सभी प्रतिभागियों ने समुद्र तटों को साफ-सुथरा बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।

सफाई के दौरान लगभग 1630 किलो समुद्री कचरा और 1130 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया, जिसे बाद में वैज्ञानिक तरीके से निपटाया गया।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। ऐसे सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। तटरक्षक बल की इस पहल की स्थानीय प्रशासन, स्कूलों और नागरिक संगठनों ने सराहना की है।

यह अभियान न केवल एक सफाई कार्यक्रम रहा, बल्कि समाज को यह दिखाने का माध्यम भी बना कि हम सब मिलकर समुद्री जीवन और तटीय सौंदर्य को बचा सकते हैं।

SCROLL FOR NEXT