नई दिल्ली : स्थानीय शेयर बाजारों की दिशा इस सप्ताह वैश्विक घटनाक्रमों, खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों से तय होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की धारणा पर विदेशी निवेशकों (FII), रुपये-डॉलर की चाल और वैश्विक बाजार रुझानों का बड़ा असर पड़ेगा।
Ram Navami के उपलक्ष्य में गुरुवार को BSE Sensex और NSE Nifty बंद रहेंगे।
Ajit Mishra ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजार इस हफ्ते आर्थिक आंकड़ों और बाहरी कारकों के प्रति बेहद संवेदनशील रहेगा। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
घरेलू स्तर पर निवेशक HSBC के पीएमआई (PMI) आंकड़ों पर नजर रखेंगे, जो विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में गतिविधियों का शुरुआती संकेत देंगे।
वहीं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के चलते विदेशी निवेशकों ने मार्च में अब तक भारतीय बाजारों से करीब 88,180 करोड़ रुपये की निकासी की है। इससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
Ponmudi R के अनुसार, बाजार इस सप्ताह काफी अस्थिर और घटनाक्रम-आधारित रह सकता है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz के आसपास की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। अगर यहां कोई लंबा व्यवधान होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर रह सकती हैं।
इसका असर महंगाई और चालू खाते के घाटे पर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। हालांकि, अगर तनाव कम होता है या कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है।
पिछले सप्ताह बाजार में हल्की गिरावट देखी गई थी, जहां सेंसेक्स 30.96 अंक और निफ्टी 36.6 अंक कमजोर होकर बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पूरी तरह वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी।