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मैंग्रोव क्रीक पर्यटन कार्यक्रम 21 फरवरी को

पर्यटन विभाग और पर्यावरण-वन विभाग के सहयोग से होगा आयोजन

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम :  अंडमान एवं निकोबार प्रशासन का पर्यटन विभाग, पर्यावरण एवं वन विभाग के सहयोग से 21 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक राइट म्यो में “मैंग्रोव क्रीक टूरिज्म” कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को मैंग्रोव पारितंत्र का मार्गदर्शित अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे मैंग्रोव के पारिस्थितिक महत्व, जैव विविधता और संरक्षण के मूल्य को समझ सकें। कार्यक्रम की टैगलाइन ‘रूट्स ऑफ लाइफ’ रखी गई है, जो मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र में जीवन की जटिलताओं और उसकी स्थिरता को रेखांकित करती है।

मैंग्रोव पारितंत्र का ज्ञानवर्धन

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विशेषज्ञ गाइड के नेतृत्व में मैंग्रोव क्षेत्र का भ्रमण कराया जाएगा। इसमें मैंग्रोव के पारिस्थितिक महत्व, जीव-जंतु और वनस्पति विविधता, तटीय संरक्षण और जलवायु अनुकूलन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रतिभागियों को यह अनुभव प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर देगा।

सतत इको-टूरिज्म और स्थानीय सहभागिता

इस कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य सतत इको-टूरिज्म प्रथाओं को बढ़ावा देना है। स्थानीय समुदाय को पर्यटन गतिविधियों में शामिल करने के लिए यह मंच एक अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से प्रकृति आधारित पर्यटन और इको-गाइडिंग से स्वरोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे। स्थानीय गाइड, शिक्षण संस्थान और स्वयंसेवी समूहों की भागीदारी से यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा और जागरूकता बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्थानीय लोगों को लाभान्वित करेगा।

प्रतिभागियों के लिए सुविधा और पंजीकरण

विभाग द्वारा पंजीकृत प्रथम 30 प्रतिभागियों के लिए बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इच्छुक प्रतिभागी प्रातः 8 बजे मोहनपुरा मुख्य बस डिपो से प्रस्थान करने वाली बस का उपयोग कर सकते हैं या सीधे स्थल पर पहुंच सकते हैं। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए पर्यटन निदेशालय से संपर्क किया जा सकता है।

प्रकृति के साथ जुड़ने का अवसर

इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रतिभागियों को प्राकृतिक पारितंत्र के संरक्षण, स्थानीय पारिस्थितिकीय ज्ञान और सतत जीवन शैली के महत्व से परिचित कराना भी है। आयोजकों का कहना है कि मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है और इस तरह के कार्यक्रम पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागी न केवल मैंग्रोव पारितंत्र को करीब से देख पाएंगे, बल्कि इसकी रक्षा और संरक्षण में भी योगदान कर सकेंगे। यह आयोजन अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में प्रकृति आधारित और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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