कोलकाता : नीट (NEET-UG) प्रश्नपत्र लीक मामले के विरोध और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में शनिवार को ''कालीघाट तृणमूल'' के छात्र एवं युवा संगठनों के प्रदर्शन को लेकर पद्मपुकुर और सीआईटी रोड इलाके में दिनभर राजनीतिक तनाव बना रहा।
हाईकोर्ट से रैली की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कार्यकर्ता पद्मपुकुर में एकत्र हुए। पुलिस ने जुलूस को आगे बढ़ने से रोका तो धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान विधायक कुणाल घोष तथा नेता वैश्वानर चट्टोपाध्याय को हिरासत में लेकर लालबाजार ले जाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी तुरंत पद्मपुकुर पहुंचीं। उनके साथ सांसद डोला सेन और डेरेक ओ''ब्रायन भी मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस के बाद ममता स्कूटी पर सवार होकर रवाना हुईं। पहले उनके लालबाजार जाने की चर्चा फैलने पर पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई, लेकिन बाद में वह कालीघाट लौट गईं।
कालीघाट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ममता ने आरोप लगाया कि अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए उनकी पार्टी ने रैली नहीं निकाली, बल्कि छात्रों के समर्थन में केवल शांतिपूर्ण धरना देने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें धक्का दिया, पार्टी का झंडा फाड़ दिया और माइक की तार काट दी।
उनका आरोप था कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है और छात्र-युवा आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सोमवार को दिल्ली जाकर छात्रों के आंदोलन में शामिल होने की भी घोषणा की।
वहीं, पुलिस का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश और बिना अनुमति सभा तथा जुलूस आयोजित किए जाने के कारण कानून के तहत कार्रवाई की गई। देर शाम कुणाल घोष और वैश्वानर चट्टोपाध्याय को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।