कोलकाता : लगभग एक दशक तक चली कानूनी लड़ाई के बाद राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बकाया डीए (महंगाई भत्ता) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेहद संतुलित और सतर्क प्रतिक्रिया दी।
मंगलवार को नवान्न में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वह इस पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, मैं इस विषय पर आपको कोई जवाब नहीं दूंगी। जो कहना था, वह मैंने विधानसभा में पहले ही कह दिया है। बाकी मामला न्यायालय के अधीन है और न्यायाधीन विषय पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।
उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर ही अपनी बात रखेगी। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 31 मार्च तक बकाया डीए का 25 प्रतिशत तुरंत चुकाया जाए और 15 मई तक अनुपालन रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाए।
वहीं शेष 75 प्रतिशत बकाया डीए के भुगतान को लेकर निर्णय के लिए CAG इंडिया से जुड़े चार सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश भी दिया गया है। इसी दिन अंतरिम बजट में राज्य सरकार द्वारा 4 प्रतिशत डीए की घोषणा को भी अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि सरकार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आगे का रास्ता तय करेगी।