कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के संगठन, चुनाव चिह्न और फंड को लेकर कालीघाट तथा ऋतब्रत बनर्जी गुट के बीच जारी विवाद के बीच पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से जांच जल्द पूरी कर फैसला सुनाने की मांग की है। ममता ने 30 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर 2 जुलाई 2026 के पत्र के आधार पर शुरू हुई जांच को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने का अनुरोध किया।
ममता ने अपने पत्र में आमडांगा के विधायक पीरजादा काशेम सिद्दीकी द्वारा 25 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे गये ई-मेल का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सिद्दीकी ने 22 जून को कोलकाता के नोवोटेल में आयोजित कथित ‘विशेष अधिवेशन’ को लेकर कई गंभीर प्रक्रियागत और कानूनी अनियमितताओं की ओर आयोग का ध्यान आकर्षित किया है। आरोप है कि इस आयोजन के संबंध में पार्टी के सदस्यों और संबंधित हितधारकों को पूर्व सूचना या आधिकारिक संवाद नहीं किया गया था।
ममता ने पत्र में कहा कि ये तथ्य उनकी पूर्व शिकायत को और मजबूत करते हैं। उनके अनुसार, अरूप राय और अन्य लोगों द्वारा तृणमूल कांग्रेस के गठन अथवा पुनर्गठन का कथित प्रयास पार्टी के स्थापित संगठनात्मक एवं संवैधानिक ढांचे के विपरीत है।
गौरतलब है कि जुलाई के अंत तक दोनों पक्षों ने आयोग के समक्ष अपने दस्तावेज और दावे पेश कर दिये थे। ऋतब्रत गुट ने अतिरिक्त समय मांगा था, जिसका ममता ने विरोध किया था। अब ममता ने सिद्दीकी के पत्र समेत सभी दस्तावेजों और प्रस्तुतियों पर विचार करते हुए जांच जल्द पूरी करने का आग्रह किया है।