कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पर उन्हें धमकी देने का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में ममता ने दावा किया कि सरकारी कार्यालय में बैठे शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि वह अपने घर से भी बाहर न निकल सकें।
ममता ने इसे भारतीय राजनीति का ‘नया निम्न स्तर’ बताते हुए राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और देश की जनता से सवाल किया कि क्या संविधान में परिकल्पित भारत ऐसा ही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी को भी किसी राजनीतिक नेता की आवाजाही की स्वतंत्रता तय करने का अधिकार नहीं है।
ममता ने सवाल उठाया कि इस टिप्पणी का मतलब क्या है—घर में नजरबंदी, डराना या राजनीतिक प्रताड़ना? उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल उनके खिलाफ मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और विपक्ष की आवाज से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक विरोधियों को धमकाने और असहमति दबाने का आरोप लगाया।
वहीं, तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब सम्मान हासिल नहीं कर सकते, तो डर पैदा करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने भाजपा की राजनीति को धमकी और डराने पर आधारित बताया।