कोलकाता: विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। एक साक्षात्कार में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “अघोषित राष्ट्रपति शासन” जैसी स्थिति पैदा की जा रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव से करीब छह महीने पहले ही केंद्र और आयोग मिलकर प्रशासनिक ढांचे में दखल दे रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य के गृह सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को अन्य राज्यों में पर्यवेक्षक बनाकर भेजा जा रहा है। इससे राज्य के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है और शासन संचालन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
मुख्यमंत्री का आरोप है कि यह कदम जानबूझकर उठाए जा रहे हैं ताकि राज्य सरकार को कमजोर किया जा सके और सत्तारूढ़ दल को असहज स्थिति में डाला जाए। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता सब देख रही है और किसी भी तरह के “संवैधानिक दुरुपयोग” का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उनके मुताबिक, यह सब सत्तारूढ़ दल को परेशान करने की साजिश है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि बंगाल की जनता इसका करारा जवाब देगी और इस बार तृणमूल की सीटें और बढ़ेंगी।