नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के लिए दिल्ली से बड़ी राजनीतिक चुनौती सामने आई है। INDIA गठबंधन की बैठक के दौरान ही TMC के करीब 20 सांसदों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करने की इच्छा जताई है। बागी सांसदों का दावा है कि वे जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर NDA में शामिल होने की औपचारिक जानकारी देंगे।
पूर्व मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि जनता के जनादेश को देखते हुए उनका राजनीतिक भविष्य NDA के साथ जुड़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें व्हिप पद से मनमाने तरीके से हटाया और उनकी राय को नजरअंदाज किया।
बागी सांसद शर्मिला सरकार ने दावा किया कि करीब 20 सांसदों का एक अलग समूह बनाया जा रहा है, जो NDA को समर्थन देगा। उनके अनुसार, काकोली घोष दस्तीदार को समूह का चीफ व्हिप और शताब्दी रॉय को डिप्टी लीडर चुना गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह घटनाक्रम केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आया। खास बात यह है कि यह बैठक उस स्थान से कुछ ही दूरी पर हुई, जहां ममता बनर्जी INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल थीं।
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रही अंदरूनी खींचतान का विस्तार माना जा रहा है। इससे पहले राज्य में भी कई बागी विधायक अलग गुट बनाकर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
अगर बड़ी संख्या में सांसद NDA का समर्थन करते हैं, तो यह ममता बनर्जी और TMC के लिए लोकसभा में बड़ा झटका साबित हो सकता है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक TMC नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।