नई दिल्ली: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अहम बैठक हुई। बैठक के बाद CJP ने दावा किया कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर फैसला लेने के लिए 25 जुलाई दोपहर तक का समय मांगा है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस मुद्दे पर निर्णय लेगी। वहीं, छात्रों से जुड़े दो अन्य मुद्दों पर सरकार ने सैद्धांतिक सहमति जताई है।
करीब 10 मिनट चली इस बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने और आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर व अन्य कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग पर सिद्धांततः सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार ने अंतिम जवाब देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार ने CJP प्रतिनिधिमंडल की सभी बातें गंभीरता से सुनी हैं। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सुझाव सरकार के सामने रखे। उन्होंने बताया कि सरकार इन मांगों पर आंतरिक चर्चा करेगी और 25 जुलाई को फिर से CJP प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अपना पक्ष रखेगी।
CJP लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि NEET पेपर लीक मामले से निपटने में सरकार और शिक्षा मंत्रालय विफल रहे हैं। इसके साथ ही संगठन देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है।
अब सभी की नजर शनिवार को होने वाली अगली बैठक पर टिकी है, जहां धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अन्य प्रमुख मांगों पर सरकार का अंतिम रुख सामने आ सकता है।