कोलकाता : शुभेंदु अधिकारी सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने गुरुवार को विकास भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों में 2028-29 शैक्षणिक सत्र से आमूलचूल परिवर्तन किए जाएंगे।
नया सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप तैयार किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल स्कूलों के पाठ्यक्रम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जा रहा है। अभी केवल आवश्यक संशोधन और परिमार्जन का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि किन अध्यायों को हटाया जाएगा और किन्हें शामिल किया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय सिलेबस समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया जाएगा।
मंत्री दीपक बर्मन ने यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक कौशल-आधारित, व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम करने, राज्य की शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से सभी कक्षाओं में सेमेस्टर प्रणाली लागू करने की योजना है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की थी, लेकिन तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसे राज्य में लागू नहीं किया था। अब भाजपा सरकार वर्ष 2028 से इसे पूरी तरह लागू करने की तैयारी कर रही है। फिलहाल सिलेबस समिति की सिफारिशों के आधार पर पाठ्यक्रम में सीमित संशोधन किए जाएंगे, जबकि व्यापक बदलाव 2028-29 के शैक्षणिक सत्र से लागू होंगे।