कोलकाता: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, कोलकाता में 9 और 10 जुलाई 2026 को दो दिवसीय जिला/स्टेशन कमांडर एवं निर्माण (वर्क्स) सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के क्षेत्रीय कमांडर ने की। इसमें जिला एवं स्टेशन कमांडरों, वरिष्ठ अधिकारियों, निर्माण अधिकारियों, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES), रक्षा संपदा कार्यालय (DEO) और अधीनस्थ इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, खोज एवं बचाव (Search and Rescue), प्रदूषण नियंत्रण, अंतर-एजेंसी समन्वय, प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, कार्मिक कल्याण और संसाधन प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने परिचालन तैयारियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।
निर्माण (वर्क्स) सम्मेलन के दौरान चल रही अवसंरचना परियोजनाओं, बजट उपयोग, भविष्य की निर्माण योजनाओं और अनुरक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने परियोजनाओं को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए ग्रीन बिल्डिंग उपायों को अपनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
क्षेत्रीय कमांडर ने अपने संबोधन में कहा कि बदलती समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए भारतीय तटरक्षक बल को उच्च स्तर की ऑपरेशनल तैयारी और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखनी होगी। उन्होंने विभिन्न तटरक्षक इकाइयों और अन्य सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, नवाचार को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान हाल के अभियानों और अभ्यासों से मिले अनुभवों को साझा किया गया तथा बेहतर कार्यप्रणालियों पर चर्चा हुई। साथ ही आगामी परिचालन चक्र के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
सम्मेलन का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भारतीय तटरक्षक बल समुद्री सुरक्षा, राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा और सभी समुद्री हितधारकों के साथ प्रभावी समन्वय के जरिए अपनी परिचालन क्षमता को लगातार मजबूत करता रहेगा।