कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक जनहित याचिका खारिज कर दी, जिसमें शुभेंदु अधिकारी की भवानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की गई थी।
अदालत ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यह स्पष्ट नहीं कर पाया कि संविधान के किस प्रावधान के तहत उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इसी आधार पर याचिका को खारिज कर दिया।
भवानीपुर सीट पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होना है, जहां अधिकारी का सीधा मुकाबला ममता बनर्जी से है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि अधिकारी की कुछ टिप्पणियां देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ हैं, इसलिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए। हालांकि, अदालत में यह दलील टिक नहीं सकी।
वहीं, अधिकारी के वकील ने इसे राजनीतिक मकसद से दायर याचिका बताया, जिसका उद्देश्य चुनाव को प्रभावित करना था।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, जिनमें पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हो चुका है और मतगणना 4 मई को होगी।