मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आगामी 16 अगस्त से शुरू होने वाली जनगणना-2027 के पहले चरण से पहले बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। जनगणना कर्मचारी ऐक्य मंच ने मुख्य जनगणना अधिकारी को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो कर्मचारी कार्य का बहिष्कार करेंगे। इस कार्य में मुख्य रूप से शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें हालिया प्रशासनिक निर्देशों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर भारी असंतोष है। यूनियन ने मुख्य रूप से चार सूत्री मांगें रखी हैं। सबसे पहले, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15(a) के तहत सर्वे के इन दिनों को तत्काल 'ऑन ड्यूटी' घोषित किया जाए। दूसरा, डिजिटल कार्य के लिए सभी कर्मचारियों को एंड्रॉइड 12 या उससे उच्च संस्करण के मोबाइल/टैबलेट के साथ इंटरनेट का अतिरिक्त भत्ता दिया जाए। तीसरा, कोलकाता के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेषकर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित हो। चौथा, प्रशिक्षण पूरा होने के बावजूद अब तक रुका हुआ पारिश्रमिक तुरंत दिया जाए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के आदेश, गोबारडांगा नगरपालिका के ऑन-ड्यूटी आदेश और सेलर्स वर्कर्स यूनिटी फोरम के दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे ड्यूटी नहीं संभालेंगे। सेंसस कर्मी ऐक्य मंच ने ऑन ड्यूटी सुविधा नहीं मिलने पर जनगणना कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया है। मंच ने प्रशासन से मांगें पूरी करने की अपील की है। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।