कोलकाता : नवान्न में मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। बैठक में ग्रामीण आवास, 125 दिनों की रोजगार योजना, कृषि, ग्रामीण सड़क, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा आधारभूत ढांचे से जुड़े अनेक प्रस्तावों पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष, कृषि मंत्री दूध कुमार मंडल, मंत्री अशोक दिंडा, मंत्री कल्याण चक्रवर्ती सहित कई मंत्री तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की सबसे बड़ी घोषणा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य को एक लाख नए आवासों की मंजूरी रही। साथ ही, लाभार्थियों की सूची तैयार करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई से बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी गई, ताकि मानसून के दौरान सत्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके। रोजगार के मोर्चे पर भी राज्य को बड़ी राहत मिली। 125 दिनों की रोजगार योजना के तहत अब तक 2 करोड़ 56 लाख जॉब कार्डधारकों की पहचान की जा चुकी है। नए आवेदकों के जॉब कार्ड भी शीघ्र स्वीकृत किए जाएंगे। अकुशल श्रमिकों को 300 रुपये, अर्द्धकुशल श्रमिकों को 450 रुपये और कुशल श्रमिकों को 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। प्राकृतिक आपदा के कारण यदि कार्य बाधित होता है, तो श्रमिकों को अतिरिक्त 50 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का भी प्रावधान रहेगा।
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य में चार नए मृदा परीक्षण एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। आलू और जूट के बीजों का स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी पहल की जाएगी, ताकि दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सके। मालदा में आम एवं अन्य फलों के लिए 100 करोड़ रुपये की आईसीएआर परियोजना तथा चुंचुड़ा में उन्नत धान अनुसंधान केंद्र को भी मंजूरी दी गई है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत का बीज उत्पादन हब बनाने की दिशा में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
बैठक में दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, बीरभूम और पुरुलिया को प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से जोड़ने, पीएम किसान सम्मान निधि के दायरे का विस्तार करने तथा मक्का, मखाना, लीची, फूल और पान की खेती को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य में 2,400 किलोमीटर नई सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। पहले चरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, 80 लाख महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों और ''लाखपति दीदी'' अभियान को सशक्त बनाने के लिए भी कई नई पहल की जाएंगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से सभी योजनाओं को तेजी से लागू करेगी, ताकि उनका लाभ जल्द से जल्द आम लोगों तक पहुंच सके। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से पश्चिम बंगाल के ग्रामीण विकास, कृषि और आधारभूत ढांचे को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इन पहलों से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, किसानों की आय बढ़ेगी और बंगाल में ''हरित क्रांति'' का एक नया अध्याय शुरू होगा।