नई दिल्ली : प्रधानमंत्री की अपील के बाद राजधानी दिल्ली में अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने और ईंधन की बचत के लिए सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत हर हफ्ते दो दिन सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। साथ ही कोशिश की जाएगी कि निजी दफ्तर भी इस नियम को अपनाएं।
सरकार ने मंत्रियों और अधिकारियों के काफिलों में कटौती करने का फैसला लिया है। इसके अलावा अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल और डीजल में 20 प्रतिशत की कमी की जाएगी। जिन अधिकारियों को हर महीने 200 से 250 लीटर ईंधन मिलता था, उन्हें अब कम मात्रा दी जाएगी।
योजना के तहत एक दिन ‘नो-व्हीकल डे’ मनाया जाएगा ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम किया जा सके। वहीं, जो अधिकारी अपने वाहन भत्ते के बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें 10 प्रतिशत तक इंक्रीमेंट देने का प्रस्ताव है।
सरकार सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बसों के रूट को भी बेहतर तरीके से तय करेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर सकें। इसके साथ ही 50 प्रतिशत बैठकों को वर्चुअल मोड में करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार ने अदालतों से भी अपील की है कि अधिकतर सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की जाए। इसके अलावा सोमवार को अधिक से अधिक लोगों को मेट्रो का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अगले तीन महीनों तक बड़े आयोजनों से भी दूरी बनाए रखने की योजना है। वहीं, दिल्ली आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए एक विशेष ट्रैवल प्लान भी तैयार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन कदमों से ईंधन की खपत कम होगी और आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।