यह पूरी कार्रवाई हरियाणा राज्य महिला आयोग और गुरुग्राम पुलिस का एक संयुक्त अभियान था। अधिकारियों के अनुसार, यह औचक छापेमारी शुक्रवार रात 10:00 बजे शुरू हुई और लंबी कार्रवाई के बाद शनिवार तड़के 3:00 बजे समाप्त हुई।
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उषा प्रियदर्शिनी और उनकी टीम के साथ-साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए यह कार्रवाई की गई, क्योंकि वैध व्यावसायिक आड़ में अवैध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं।
छापेमारी के दौरान जब पुलिस ने बंद स्पा के शटर खुलवाए, तो अंदर का दृश्य हैरान करने वाला था।
कई स्पा केंद्रों के अंदर पुरुष और महिलाएं आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए।
मौके से कुल 50 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 30 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में ली गई महिलाओं से पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों और इस दलदल में उनके फंसने के कारणों का पता लगाया जा सके, साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा मानव तस्करी या अवैध नेटवर्क सक्रिय है।
पुलिस के मुताबिक, कुल 18 स्पा केंद्रों की जांच की गई, जिनमें से 8 स्पा केंद्रों में संदिग्ध और गैर-कानूनी गतिविधियों के शुरुआती पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, डिजिटल डेटा, भौतिक वस्तुएं और दस्तावेज जब्त किए हैं।
वर्तमान में साइबर और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इन साक्ष्यों का बारीकी से आकलन किया जा रहा है।
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वैध व्यवसायों की आड़ में चलने वाले किसी भी संगठित अवैध कारोबार के प्रति उनकी 'जीरो टॉलरेंस' (कॉर्टई बर्दाश्त नहीं) की नीति है।
हिरासत में लिए गए पुरुषों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
जब्त किए गए साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्पा मालिकों, संचालकों, प्रबंधकों और इस अवैध नेटवर्क की मदद करने वाले अन्य सहयोगियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह भी कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और कई अन्य खुलासे होने की संभावना है।