निधि, सन्मार्ग संवाददाता
मध्यमग्राम: उत्तर 24 परगना के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक, मध्यमग्राम चौमाथा से सटे सोदपुर रोड पर सोमवार से यातायात का बड़ा संकट शुरू हो गया है। प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था के आधुनिकीकरण और व्यापक सुधार के उद्देश्य से इस महत्वपूर्ण सड़क के एक बड़े हिस्से को अगले चार महीनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा शुरू किए गए इस कार्य का उद्देश्य मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों को मानसून के दौरान होने वाले भीषण जलभराव से मुक्ति दिलाना है।
मध्यमग्राम नगर पालिका के प्रधान निमाई घोष ने इस परियोजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। सड़क के नीचे आधुनिक आरसीसी क्रॉस कलवर्ट (RCC Cross Culvert) का निर्माण होना है, जिसके लिए खुदाई अनिवार्य है।
प्रथम चरण: पहले दो महीनों तक सोदपुर से मध्यमग्राम की ओर आने वाली सड़क को बंद रखा जाएगा।
द्वितीय चरण: अगले दो महीनों में मध्यमग्राम से सोदपुर की ओर जाने वाले हिस्से पर काम शुरू होगा। इस तरह कुल मिलाकर 120 दिनों तक इस मार्ग पर सामान्य आवाजाही बाधित रहेगी।
सोदपुर रोड, जशोर रोड और कल्याणी एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली एक जीवन रेखा मानी जाती है। इसके बंद होने से उत्तर 24 परगना के एक बड़े हिस्से की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। जिला ट्रैफिक पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की हैं:
भारी वाहनों पर प्रतिबंध: मालगाड़ियों और भारी ट्रकों का प्रवेश इस मार्ग पर पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है।
लंबी दूरी की बसें: उत्तर बंगाल जाने वाली और अन्य लंबी दूरी की बसों को अब डाकबंगलो मोड़ से होते हुए 'कॉलोनी मोड़' की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।
वैकल्पिक मार्ग: कल्याणी एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले छोटे वाहनों को बिরাटी और बारासात की ओर से घुमाकर भेजा जा रहा है।
सोमवार को काम शुरू होने के साथ ही मध्यमग्राम चौमाथा इलाके में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। अचानक हुए इस बदलाव और रूट डायवर्जन के कारण आम यात्रियों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि आने वाले एक-दो दिनों में जब लोग वैकल्पिक रास्तों के अभ्यस्त हो जाएंगे, तो स्थिति सामान्य हो जाएगी।
भले ही सड़क बंद होने से दैनिक आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन मध्यमग्राम के नागरिकों का एक बड़ा वर्ग इस फैसले का समर्थन कर रहा है। दशकों से मध्यमग्राम के लोग हल्की बारिश में भी सड़क पर नाव चलने जैसी स्थिति का सामना करते रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि चार महीने की यह तकलीफ उन्हें सालों-साल के जलभराव से मुक्ति दिलाती है, तो वे इसके लिए तैयार हैं।
अब चुनौती जिला प्रशासन और ट्रैफिक विभाग के सामने है कि वे निर्माण कार्य की गति को बनाए रखते हुए आगामी चार महीनों तक इस व्यस्ततम इलाके को जाम से कैसे मुक्त रखते हैं।